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Punjab Weather: पंजाब-चंडीगढ़ में बदलेगा मौसम, आज 15 जिलों में प्री-मानसून की बारिश की संभावना

Jun 18, 2026 9:32 AM

Weather Update: पंजाब और चंडीगढ़ में 18 जून से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 23 जून तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि यह गतिविधियां पूरे राज्य में एक साथ नहीं होंगी, बल्कि कुछ इलाकों तक सीमित रह सकती हैं।

मौसम विभाग ने गुरुवार को पंजाब के 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इनमें शहीद भगत सिंह नगर, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, पटियाला और मोहाली शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन जिलों में प्री-मानसून गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बारिश की संभावना 25 से 50 प्रतिशत के बीच बताई गई है। हालांकि सभी क्षेत्रों में एक जैसी वर्षा होने की संभावना नहीं है।

तापमान में 2 डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज

बुधवार को पंजाब के अधिकतम तापमान में औसतन 2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई। इसके साथ ही तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बठिंडा में 39 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि तापमान में बढ़ोतरी के बावजूद फिलहाल लू जैसी परिस्थितियां बनने की संभावना नहीं है। आगामी दिनों में बादल, बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां तापमान को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं।

प्री-मानसून गतिविधियों का दिखेगा असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अभी पंजाब तक नहीं पहुंचा है, लेकिन जो बारिश अगले कुछ दिनों में होने की संभावना है, उसे प्री-मानसून गतिविधियों के रूप में माना जाएगा। इन गतिविधियों से किसानों और आम लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि बारिश का दायरा सीमित रहने की संभावना है और सभी जिलों में समान प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।

गर्मी बढ़ने के साथ राज्य में बिजली की खपत भी बढ़ी है। बुधवार को पंजाब में बिजली की मांग बढ़कर 14,250 मेगावाट तक पहुंच गई। इस मांग को पूरा करने के लिए राज्य ने केंद्रीय पूल से 8,818 मेगावाट बिजली प्राप्त की। वहीं राज्य का स्वयं का बिजली उत्पादन 5,458 मेगावाट दर्ज किया गया। पिछले दिनों की तुलना में बिजली मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।

पश्चिमी विक्षोभ और ट्रफ सिस्टम से बने हालात

चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक पंजाब से लेकर बिहार तक हरियाणा और उत्तर प्रदेश के ऊपर मौसमी ट्रफ यानी कम दबाव की रेखा बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इन मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी है। 

मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण पंजाब के बठिंडा, मानसा, मुक्तसर, फाजिल्का, फरीदकोट, फिरोजपुर और मोगा जिलों के आसपास ऊपरी हवा का साइक्लोनिक सर्कुलेशन विकसित हुआ है। इसके साथ ही एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने की स्थिति में है, जिससे आगामी दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

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