रेवाड़ी में ड्राइवर की ईमानदारी पर आफत: माल चोरी से मना किया तो मालिक ने नंगा कर बेल्टों से पीटा
Apr 12, 2026 2:19 PM
रेवाड़ी। रेवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र धारूहेड़ा से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक वारदात सामने आई है। यहां एक ट्रांसपोर्टर ने अपने ही ड्राइवर को सिर्फ इसलिए अधमरा कर दिया क्योंकि उसने रास्ते में माल उतारने (चोरी करने) के मालिक के आदेश को मानने से मना कर दिया था। उत्तर प्रदेश के कासगंज निवासी पीड़ित चालक पंकज सोलंकी ने पुलिस को जो आपबीती सुनाई है, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकती है। पंकज 'मनवीर ट्रांसपोर्ट' की गाड़ी (HR 55 AS 6177) चलाता था, लेकिन उसे क्या पता था कि उसकी वफादारी का इनाम उसे डंडों और बेल्टों से मिलेगा।
'रास्ते में माल उतारो वरना खैर नहीं'
पंकज के मुताबिक, ट्रांसपोर्टर मनवीर उस पर लंबे समय से दबाव बना रहा था कि वह ट्रक में लदे सामान में से कुछ हिस्सा रास्ते में ही उतार दिया करे ताकि उसे ऊंचे दामों पर बाहर बेचा जा सके। पंकज ने जब हर बार इस अनैतिक काम से इनकार किया, तो मनवीर चिढ़ गया। आरोप है कि पहले उसे रूट से हटाकर दूसरी कंपनी में लगाया गया और फिर बिलासपुर में माल खाली करने का दबाव बनाया गया। जब चालक वहां भी नहीं झुका और ईमानदारी से सोनीपत के खरखौदा में माल खाली कर वापस धारूहेड़ा पहुंचा, तो आरोपियों ने उसे 'हिसाब-किताब' के बहाने दफ्तर के अंदर बुला लिया।
दफ्तर बना 'टॉर्चर रूम', बेल्ट और पाइप से किया हमला
शिकायत में दर्ज आरोपों के अनुसार, जैसे ही पंकज ऑफिस के अंदर दाखिल हुआ, मनवीर और उसके एक साथी ने अंदर से कुंडी लगा दी। इसके बाद जो हुआ वह किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। आरोपियों ने पंकज के कपड़े उतरवाए और उसे कमरे में बंधक बना लिया। इसके बाद डंडों, बेल्ट और लोहे के नल (पाइप) से उसे तब तक पीटा गया जब तक वह बेसुध नहीं हो गया। बेरहमी का आलम यह था कि उसे जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। किसी तरह जान बचाकर निकले पंकज को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है।
पुलिस एक्शन: संगीन धाराओं में केस दर्ज, आरोपियों की तलाश
वारदात की गंभीरता को देखते हुए धारूहेड़ा थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात ट्रांसपोर्टर मनवीर और उसके सहयोगी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। इसमें बंधक बनाना, स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना और जान से मारने की धमकी देना जैसी धाराएं शामिल हैं। जांच अधिकारी पीएसआई राकेश ने बताया कि पुलिस मामले के हर तकनीकी और भौतिक साक्ष्य को जुटा रही है। फिलहाल आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले और एक गरीब कर्मचारी का शोषण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।