हरियाणा HTET परीक्षा की तारीखों का ऐलान; 13 और 14 जून को होगा दंगल, बोर्ड ने कड़े किए नियम
May 26, 2026 1:26 PM
भिवानी। सरकारी स्कूलों में शिक्षक की नौकरी पाने की आस लगाए बैठे हरियाणा के लाखों जेबीटी, बीएड और पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं के लिए सोमवार का दिन बड़ी खबर लेकर आया। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एचटेट (HTET) परीक्षा के पूरे शेड्यूल का खाका देश के सामने रख दिया है। बोर्ड की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों (K-12) के शिक्षकों की पात्रता तय करने वाली यह परीक्षा 13 और 14 जून को सूबे के सभी जिलों में एक साथ आयोजित होगी। इस बार कुल 2,45,000 अभ्यर्थियों के बैठने की उम्मीद है, जिन्हें संभालने के लिए जिला प्रशासनों के सहयोग से 825 परीक्षा केंद्र मुस्तैद किए जा रहे हैं।
लीक और नकल माफिया की खैर नहीं; क्यूआर कोड से ट्रैक होगा एक-एक प्रश्न-पत्र
बीते कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई प्रतियोगी परीक्षाओं के विवादों से सबक लेते हुए भिवानी बोर्ड इस बार किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। परीक्षा प्रणाली की शुचिता बनाए रखने के लिए इस दफा कड़े तकनीकी इंतजाम किए गए हैं:
अल्फा-न्यूमेरिक और क्यूआर ट्रैकिंग: हर प्रश्न-पत्र पर एक यूनिक क्यूआर कोड और छिपा हुआ अल्फा-न्यूमेरिक नंबर होगा। अगर किसी ने परीक्षा केंद्र के भीतर से प्रश्न-पत्र का फोटो खींचकर बाहर भेजने की हिमाकत की, तो कोड स्कैन होते ही भिवानी स्थित हेड ऑफिस को तुरंत पता चल जाएगा कि वह पेपर किस केंद्र के, किस कमरे और किस रोल नंबर वाले छात्र का है।
ओएमआर शीट का नया नियम: अक्सर कॉपियां या ओएमआर शीट खाली छोड़कर बाद में सांठगांठ करने के मामले सामने आते रहे हैं। इस पर नकेल कसते हुए बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर किसी कैंडिडेट ने अपनी ओएमआर शीट में 20 या उससे ज्यादा सवाल बिना हल किए (खाली) छोड़ दिए, तो उसकी उम्मीदवारी उसी वक्त निरस्त मान ली जाएगी।
तीन सत्रों का पूरा टाइम-टेबल; डेढ़ घंटा पहले पहुंचना अनिवार्य
बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार के अनुसार, परीक्षा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए दो दिनों को तीन शिफ्टों (लेवल) में बांटा गया है, जिसका पूरा कार्यक्रम इस प्रकार है:
प्रशासन ने स्पष्ट हिदायत दी है कि किसी भी हड़बड़ी या अप्रिय स्थिति से बचने के लिए अभ्यर्थियों को परीक्षा शुरू होने के निर्धारित समय से ठीक डेढ़ घंटा पहले अपने-अपने केंद्रों पर हाजिरी दर्ज करानी होगी। गेट पर सघन तलाशी के साथ-साथ हर उम्मीदवार का बायोमैट्रिक सत्यापन (फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन) किया जाएगा। जिन केंद्रों पर बायोमैट्रिक डेटा मैच नहीं होगा, उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
सभी केंद्रों के कमरों और गलियारों में हाई-डेफिनिशन सुरक्षा कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनकी लाइव फीड सीधे बोर्ड के कंट्रोल रूम में चलेगी। शिक्षाविदों का मानना है कि इन सख्त कदमों से न केवल काबिल युवाओं को आगे बढ़ने का सही मौका मिलेगा, बल्कि परीक्षाओं की साख भी मजबूत होगी।