सावधान! कहीं आप भी तो नहीं पी रहे नकली ENO? सोनीपत पुलिस की छापेमारी में बड़ा खुलासा
Apr 24, 2026 10:41 AM
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत जिले में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाला एक बड़ा गिरोह बेनकाब हुआ है। कुंडली थाना पुलिस को इनपुट मिला था कि अटेरना गांव के सुनसान खेतों में एक संदिग्ध फैक्ट्री संचालित की जा रही है। जब पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारियों के पांव तले जमीन खिसक गई। फैक्ट्री के भीतर नामी ब्रांड 'ईनो' (ENO) के हजारों पैकेट तैयार किए जा रहे थे। पेट की गैस से राहत दिलाने के नाम पर यहां बिना किसी मानक और लाइसेंस के नकली पाउडर की पैकिंग का काम धड़ल्ले से चल रहा था।
अधिकारियों के उड़े होश, संचालक फरार
छापेमारी के दौरान मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग, आयुष विभाग और फूड सेफ्टी अधिकारियों को बुलाया। जांच टीम ने पाया कि फैक्ट्री चलाने वाले शख्स अमरजीत दहिया के पास इस उत्पाद को बनाने का न तो कोई वैध दस्तावेज था और न ही ब्रांड की अनुमति। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी अमरजीत अपना मोबाइल बंद कर मौके से रफूचक्कर हो गया। आयुष विभाग के डॉक्टर रामावतार सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह पूरी तरह नकली उत्पाद प्रतीत हो रहा है, जो इंसानी शरीर के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है।
लैब भेजे गए सैंपल, भारी मात्रा में सामान सील
फूड सेफ्टी विभाग के अधिकारी डॉ. वीरेंद्र ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि फैक्ट्री में मौजूद सारा कच्चा माल, तैयार पैकेट और मशीनों को सील कर दिया गया है। जब्त किए गए पाउडर के नमूनों को जांच के लिए सरकारी लैब भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह नकली ईनो बाजार में कहां-कहां सप्लाई किया जा रहा था, इसकी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। शुरुआती शक है कि इसे आसपास के ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों की दुकानों पर खपाया जा रहा था।
सेहत से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई की तैयारी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ जालसाजी और कॉपीराइट एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। सोनीपत पुलिस का कहना है कि लोगों की जान जोखिम में डालकर मोटा मुनाफा कमाने वाले इस गिरोह के बाकी सदस्यों की भी तलाश की जा रही है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि कोई भी स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद खरीदते समय उसकी पैकिंग और ऑथेंटिसिटी की जांच जरूर करें, क्योंकि चंद रुपयों का लालच किसी की जान पर भारी पड़ सकता है।