सोनीपत महिला विवि के जेई ने दी जान: रोहतक के सनसिटी में फंदे से लटका मिला शव, हड़कंप
May 05, 2026 12:29 PM
सोनीपत। हरियाणा के सोनीपत और रोहतक के बीच एक सनसनीखेज वारदात ने सरकारी अमले और स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है। खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में बतौर जूनियर इंजीनियर (JE) तैनात नीरज ने अपने ही घर में खौफनाक कदम उठाते हुए जीवनलीला समाप्त कर ली। नीरज का शव रोहतक की पॉश कॉलोनी 'सनसिटी' स्थित उनके घर के बाथरूम में फंदे से लटका हुआ मिला। वारदात उस वक्त हुई जब नीरज घर पर बिल्कुल अकेले थे। शाम के वक्त जब उनकी पत्नी घर लौटीं, तो बाथरूम का नजारा देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
पत्नी ने देखा खौफनाक मंजर, चीख-पुकार सुन दौड़े पड़ोसी
जानकारी के मुताबिक, नीरज का परिवार रोहतक के सनसिटी इलाके में रहता था। मंगलवार शाम जब उनकी पत्नी घर पहुंचीं, तो काफी देर तक नीरज की कोई आहट सुनाई नहीं दी। तलाश करने पर जब उन्होंने बाथरूम का दरवाजा खोला, तो अंदर का मंजर देखकर उनकी चीख निकल गई। नीरज फंदे से लटके हुए थे। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर जमा हो गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीन ऑफ क्राइम और एफएसएल (FSL) की टीम को बुलाया ताकि घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा सकें।
गुत्थी बनी खुदकुशी की वजह, पुलिस खंगाल रही मोबाइल रिकॉर्ड
पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में ले लिया है और पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे इस खौफनाक कदम के पीछे की वजह साफ हो सके। नीरज महिला विश्वविद्यालय में एक जिम्मेदार पद पर थे, ऐसे में क्या वह किसी मानसिक तनाव में थे या उनके ऊपर कोई विभागीय दबाव था, पुलिस इन सभी बिंदुओं पर बारीकी से तफ्तीश कर रही है। उनके मोबाइल फोन और कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाला जा रहा है ताकि मौत से पहले हुई बातचीत का कोई सुराग मिल सके।
विभाग और कॉलोनी में मातम, जांच जारी
नीरज की मौत की खबर जैसे ही खानपुर कलां स्थित महिला विश्वविद्यालय पहुंची, वहां उनके सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। विभाग के लोगों का कहना है कि नीरज अपने काम के प्रति गंभीर थे और उनके व्यवहार में हाल-फिलहाल कोई खास बदलाव नहीं देखा गया था। शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर लिए हैं और सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही समय और कारणों की पुष्टि हो पाएगी।