सोनीपत पुलिस की बड़ी लापरवाही: बदमाश समझकर इनेलो छात्र नेता को मारी गोली
May 01, 2026 11:43 AM
सोनीपत। सोनीपत जिले के गोहाना इलाके में गुरुवार को खाकी एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई। क्राइम ब्रांच और गोहाना पुलिस की टीम ने बदमाशों की तलाश में घेराबंदी तो की, लेकिन उसकी गोलियों का शिकार दो निर्दोष छात्र हो गए। पुलिस ने 'गलतफहमी' में इनेलो छात्र इकाई के कार्यकर्ता शौर्य को पैर में गोली मार दी, जबकि उसके साथी अमित को हिरासत में ले लिया। यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब पुलिस रोहतक में फायरिंग कर भागी एक 'हुंडई वेन्यू' कार का पीछा कर रही थी। दुर्भाग्य से शौर्य और अमित भी उसी मॉडल की कार में गांव फरमाना की ओर कोल्ड ड्रिंक लेने निकले थे।
वीटी (VT) का जाल और निर्दोषों पर वार
दरअसल, रोहतक के एक गांव में फायरिंग की वारदात के बाद पूरे हरियाणा में हुंडई वेन्यू कार को लेकर अलर्ट (VT) जारी किया गया था। सोनीपत क्राइम ब्रांच को जैसे ही आवली ड्रेन के पास इसी मॉडल की कार दिखी, उन्होंने उसे घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब शौर्य और अमित कार से उतरने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक पुलिसकर्मी ने फायरिंग कर दी। गोली शौर्य के पैर में जा लगी। जब तक पुलिस को अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी। आनन-फानन में घायल छात्र को गोहाना के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसकी गंभीर हालत देखते हुए उसे रोहतक रेफर कर दिया गया।
पुलिस कमिश्नर के द्वार पहुंचे आक्रोशित परिजन
इस सनसनीखेज कांड के बाद सोनीपत के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में उबाल आ गया। इंडियन नेशनल लोकदल के कार्यकर्ताओं और परिजनों ने पुलिस कमिश्नर ममता सिंह से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की। परिजनों का तर्क है कि पुलिस ने बिना किसी चेतावनी या पुख्ता पहचान के सीधे गोली कैसे चला दी? पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
"कानून सबके लिए बराबर": एक और संदिग्ध एनकाउंटर का दाग
एसीपी अजीत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि संदिग्ध कार की सूचना पर पुलिस सक्रिय थी और इसी दौरान यह फायरिंग हुई। हालांकि, बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस की ट्रेनिंग में पहचान सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए? दो नौजवान, जो ड्रेन सफाई का ठेका लेकर अपना काम कर रहे थे, आज पुलिस की जल्दबाजी के कारण अस्पताल के बिस्तर पर हैं। इस घटना ने एक बार फिर हरियाणा पुलिस की कार्यप्रणाली और 'ट्रिगर हैप्पी' रवैये पर बहस छेड़ दी है।