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सोनीपत रेलवे ट्रैक पर मिला 'पाकिस्तानी' कैमरा: एनआईए और आईबी ने उतारा, बड़ी आतंकी साजिश नाकाम

Mar 18, 2026 5:31 PM

सोनीपत। देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सोनीपत रेलवे स्टेशन के पास पोल नंबर 47/27 पर लगा एक सीसीटीवी कैमरा सामान्य निगरानी के लिए नहीं, बल्कि सरहद पार बैठे आकाओं को भारतीय रेलवे की पल-पल की जानकारी भेजने के लिए लगाया गया था।

बुधवार को गाजियाबाद की कौशांबी पुलिस एक गिरफ्तार आरोपी को साथ लेकर सोनीपत पहुंची और भारी सुरक्षा घेरे के बीच इस कैमरे को पोल से नीचे उतारा। इस दौरान आईबी (IB), एनआईए (NIA) और रेलवे के आला अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे, जो इस पूरे नेटवर्क की गहराई नापने में जुटे हैं।

पाकिस्तान से मिली 'सुपारी', सुहेल गैंग के जरिए रची गई साजिश

जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार, यह पूरी साजिश 'सुहेल गैंग' के जरिए बुनी गई थी, जिसे पाकिस्तान से सीधे निर्देश मिल रहे थे। बीते 15 मार्च को गाजियाबाद पुलिस ने जब 6 संदिग्धों को दबोचा, तो पूछताछ में उन्होंने उगल दिया कि उनका मकसद देश के 50 रणनीतिक महत्व वाले बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाकर लाइव फीड बाहर भेजना था। यह गैंग विशेष रूप से भारतीय सेना की आवाजाही और संवेदनशील लॉजिस्टिक्स पर नजर रख रहा था। सोनीपत का यह ट्रैक दिल्ली-अंबाला मुख्य रूट का हिस्सा है, जिससे होकर सैन्य साजो-सामान की आवाजाही अक्सर होती रहती है।

पुलिस की बदसलूकी: कवरेज कर रहे पत्रकारों से धक्का-मुक्की

इस संवेदनशील मामले की कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों को उस वक्त अजीब स्थिति का सामना करना पड़ा, जब गाजियाबाद पुलिस के साथ आए एक पुलिसकर्मी ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं। जैसे ही पत्रकारों ने आरोपी और कैमरे की फुटेज लेनी शुरू की, उक्त पुलिसकर्मी ने न केवल बदतमीजी की बल्कि पत्रकारों के कैमरे से फुटेज डिलीट करने का दबाव भी बनाया।

सुरक्षा के नाम पर मीडिया की आवाज दबाने की इस कोशिश ने मौके पर तनाव पैदा कर दिया। हालांकि, एजेंसियों ने कैमरा जब्त कर लिया है और अब इसकी टेक्निकल जांच की जा रही है कि इसमें सिम कार्ड या वाई-फाई के जरिए डेटा कहां भेजा जा रहा था।

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