Yamunanagar News: यमुनानगर में मेयर का बड़ा एक्शन, दुकानों के सामने नाले पर बने पक्के स्लैब जेसीबी से तोड़े
Jun 19, 2026 5:41 PM
यमुनानगर। (संजीव चौहान) मानसून की आहट के साथ ही यमुनानगर को हर साल डराने वाली जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए इस बार नगर निगम बेहद आक्रामक रुख में नजर आ रहा है। शहर के निचले इलाकों और मुख्य सड़कों को जलमग्न होने से बचाने के लिए चलाए जा रहे नाला सफाई अभियान की कमान खुद मेयर सुमन बहमनी ने संभाल ली है। मेयर पिछले एक हफ्ते से लगातार निगम अधिकारियों के अमले के साथ जगाधरी और यमुनानगर के संवेदनशील इलाकों का तूफानी दौरा कर रही हैं। साफ संदेश है कि ड्रेनेज सिस्टम के रास्ते में आने वाली हर रुकावट को जमींदोज किया जाएगा, चाहे वह किसी रसूखदार का पक्का निर्माण ही क्यों न हो।
वर्कशॉप रोड पर चला निगम का पीला पंजा, दुकानदारों के पक्के स्लैब तोड़े
इसी कड़ी में मेयर सुमन बहमनी, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर (CSI) विनोद बेनीवाल और सेनेटरी इंस्पेक्टर सतबीर सिंह के साथ वर्कशॉप रोड पर निरीक्षण करने पहुंचीं। टीम ने जब शहीद भगत सिंह चौक से लेकर महाराणा प्रताप चौक और पेपर मिल गेट तक की स्थिति देखी, तो वहां नाले पूरी तरह गायब मिले। दरअसल, स्थानीय दुकानदारों ने नाले के ऊपर कंक्रीट के पक्के स्लैब डालकर अवैध रूप से दुकानें आगे बढ़ा रखी थीं। मेयर ने किसी भी तरह की ढील दिए बिना मौके पर ही इन अवैध कब्जों को ढहाने के आदेश दिए। देखते ही देखते निगम की टीम ने स्लैब को तुड़वाकर मलबे को बाहर निकाला और वर्षों से जमा सिल्ट (गाद) की सफाई करवाई। इसके बाद टीम ने रेलवे रोड का रुख किया, जहां दीपक बेकरी से लेकर शहीद भगत सिंह चौक तक भी नाले पर किए गए अतिक्रमण को मलबे समेत साफ कराया गया।
अफसरशाही को अल्टीमेटम: समय पर काम पूरा न हुआ तो होगी कार्रवाई
मेयर ने मौके पर मौजूद निगम अधिकारियों और सफाई का ठेका लेने वाली एजेंसियों के प्रतिनिधियों को दोटूक लहजे में चेतावनी दी कि कागजी खानापूर्ति का दौर अब खत्म हो चुका है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन भी मुख्य और लिंक नालों की सफाई का काम अभी आधा-अधूरा है, उन्हें टॉप प्रायोरिटी (प्राथमिकता) पर लेकर तुरंत चालू किया जाए। मेयर ने कहा, "हमारा एकमात्र लक्ष्य मानसून की पहली मूसलाधार बारिश से पहले शहर के सभी बड़े नालों को पूरी तरह से 'थ्रू' करना है, ताकि जनता के घरों और दुकानों में पानी घुसने की नौबत न आए।"
नालों से निकल रहा प्लास्टिक का अंबार, मेयर ने जनता के सामने जोड़े हाथ
नालों की गहराई से हो रही सफाई के दौरान जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे चिंताजनक हैं। नालों के पेट से भारी मात्रा में सिंगल यूज प्लास्टिक, पॉलीथिन, बोतलें और यहां तक कि घरों का पुराना टूटा-फूटा सामान और सॉलिड वेस्ट निकल रहा है। इस पर चिंता जताते हुए मेयर सुमन बहमनी ने आम जनता और व्यापारी वर्ग से भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान सिर्फ सरकारी तंत्र के बूते मुमकिन नहीं है, इसमें नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने लोगों से हाथ जोड़कर कहा कि घरों का कचरा और प्लास्टिक की चीजें नालों में बहाने के बजाय निगम के 'कूड़ा कलेक्शन व्हीकल' को ही सौंपें, ताकि शहर को इस बार डूबने से बचाया जा सके।