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Haryana Roadways News: 'कॉलेज वाली छोरी...' हरियाणवी गाने पर भड़का हरियाणा रोडवेज, हिसार में पुलिस और महिला आयोग से शिकायत

Jun 19, 2026 6:03 PM

हरियाणा। हरियाणा की लोक संस्कृति और रागनी-गीतों का अपना एक अलग क्रेज है, लेकिन जब कला की आड़ में किसी सार्वजनिक सेवा से जुड़े कर्मचारियों की साख पर उंगली उठने लगे, तो विवाद होना लाजिमी है। ऐसा ही एक मामला हिसार में तूल पकड़ता जा रहा है। हरियाणा रोडवेज हिसार डिपो की सांझा संघर्ष समिति और विभिन्न कर्मचारी यूनियनों ने हाल ही में रिलीज हुए एक हरियाणवी गाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस गाने के बोल हैं— ‘कॉलेज वाली छोरी हो गई सेट कंडक्टर में’। रोडवेज कर्मचारियों का साफ कहना है कि इस तरह की सतही और फूहड़ शब्दावली से समाज में न केवल परिचालकों (कंडक्टरों) की छवि खराब होती है, बल्कि बसों में सफर करने वाली छात्राओं और बेटियों की सुरक्षा व गरिमा पर भी गलत असर पड़ता है।

पुलिस और महिला आयोग तक पहुंची बात, गायक से बोल बदलने की अपील

मामले की गंभीरता को देखते हुए रोडवेज यूनियनों ने कानूनी रास्ता अख्तियार कर लिया है। डिपो प्रधान अजय दुहन ने बताया कि इस विवादित गीत को लेकर बीती 8 जून को ही सिटी थाने में लिखित शिकायत सौंप दी गई थी। इसके साथ ही, मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए राज्य महिला आयोग को भी एक प्रतिवेदन भेजा गया है। कर्मचारी नेताओं ने गायक और म्यूजिक कंपनी से अपील की है कि वे खुद अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को समझें और या तो इस गाने के बोल बदलें या इसे सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाएं। सांझा संघर्ष समिति के प्रतिनिधि जितेंद्र शर्मा और वरिष्ठ सदस्य दर्शन जांगड़ा ने दोटूक कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी भी गरिमामय विभाग या वर्ग विशेष की साख को ठेस पहुंचाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

विवाद अपनी जगह, लेकिन असली लड़ाई 15 सूत्रीय मांगों की: 36 दिन से जारी है धरना

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कर्मचारी नेताओं ने एक महत्वपूर्ण तकनीकी बिंदु भी स्पष्ट किया है। समिति के सदस्य कर्मवीर सिंह और डिपो प्रधान संदीप कुमार ने बताया कि भले ही इस गाने को लेकर कर्मचारियों के भीतर भारी रोष है, लेकिन उनका जो मौजूदा आंदोलन चल रहा है, वह इस गाने की वजह से नहीं है। रोडवेज कर्मचारी पिछले 36 दिनों से महाप्रबंधक (GM) को सौंपे गए अपने 15 सूत्रीय मांग पत्र को लेकर डिपो परिसर में धरने पर बैठे हैं। यह संघर्ष 29 अप्रैल से लगातार जारी है और कर्मचारी अपनी लंबित प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।

23 जून को हिसार में जुटेगा राज्य नेतृत्व, बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट

रोडवेज यूनियनों का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन उनकी जायज मांगों को लेकर लंबे समय से टालमटोल का रवैया अपनाए हुए है, जिससे कर्मचारियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। आंदोलन की अगली रूपरेखा तैयार करने के लिए आगामी 23 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। इस दिन हरियाणा रोडवेज की राज्य स्तरीय समिति के शीर्ष पदाधिकारी विशेष रूप से हिसार पहुंच रहे हैं। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 23 जून तक प्रशासन ने उनकी मुख्य मांगों पर कोई ठोस और सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो सांझा मोर्चा हरियाणा के बैनर तले पूरे सूबे में एक बड़े और तीखे चक्का जाम जैसे आंदोलन की घोषणा की जा सकती है।

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