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Chandigarh News: मुख्य सचिव ने शराब की अवैध आवाजाही रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के दिए निर्देश

May 16, 2026 10:42 AM

चंडीगढ़: यूटी प्रशासन के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने अधिकारियों को अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने, आबकारी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा जीएसटी चोरी और फर्जी आईटीसी दावों से जुड़े मामलों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी राजस्व की सुरक्षा के लिए प्रवर्तन गतिविधियों को और मजबूत किया जाए तथा विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। मुख्य सचिव ने शुक्रवार को आबकारी एवं कराधान विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में सचिव (आबकारी एवं कराधान) दिप्रवा लकड़ा, आबकारी एवं कराधान आयुक्त निशांत कुमार यादव, अतिरिक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त-सह-उप आबकारी एवं कराधान कलेक्टर (आबकारी) प्रद्युम्न सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। 

बैठक के दौरान विभाग ने बताया कि आबकारी नीति 2025-26 के तहत 965.71 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व एकत्रित किया गया। इसके अलावा वर्ष 2026-27 के लिए 97 में से 96 शराब ठेकों का सफल आवंटन किया गया। 450 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 560.85 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई, जिससे राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। विभाग ने अनुमान जताया कि वर्ष 2026-27 में 1000 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले करीब 1009 करोड़ रुपये का आबकारी राजस्व प्राप्त हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इनमें लेबलों का ऑटो-रिन्यूअल, लाइसेंसधारकों द्वारा रियल-टाइम स्टॉक इन्वेंट्री बनाए रखना, डिपार्टमेंटल स्टोर्स में शराब लाइसेंसों की दोबारा शुरुआत तथा जीपीएस-सक्षम वाहनों के माध्यम से शराब का परिवहन शामिल है, ताकि पारदर्शिता, निगरानी और नियामकीय अनुपालन बेहतर बनाया जा सके। 

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि जीएसटी के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,454 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्रित किया गया। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को सभी आबकारी लाइसेंसधारकों पर कड़ी निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध शराब की आवाजाही और बिक्री रोकने के लिए सभी जरूरी निवारक और दंडात्मक कदम उठाए जाएं। इसके अलावा चंडीगढ़ क्षेत्राधिकार में स्थित सभी कस्टम बॉन्डेड वेयरहाउस का विभाग के साथ अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। जीएसटी प्रवर्तन को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को करदाताओं का विस्तृत विश्लेषण करने, टैक्स चोरी, फर्जी आईटीसी दावों और फर्जी फर्मों की पहचान कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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