भीषण तूफान ने मचाई तबाही, कारों पर गिरे पेड़, 8 जिलों में बारिश का अलर्ट
May 03, 2026 11:29 AM
चंडीगढ़ (जग मार्ग)। उत्तर भारत में गर्मी के परवान चढ़ने से पहले ही मौसम ने ऐसा करवट बदला कि लोग सहम गए। शनिवार सुबह चंडीगढ़ और पंजाब के आसमान पर काली घटाओं ने इस कदर डेरा डाला कि सुबह 10 बजे ही रात जैसा मंजर नजर आने लगा। इसके बाद शुरू हुए तेज अंधड़ और बारिश ने देखते ही देखते तबाही के निशान छोड़ने शुरू कर दिए। चंडीगढ़, मोहाली, जालंधर और लुधियाना समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने जहां पारे को नीचे गिराया, वहीं बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है।
मोहाली में ताश के पत्तों की तरह उड़ीं टंकियां, गाड़ियां चकनाचूर
सबसे ज्यादा असर मोहाली के फेज-6 में देखने को मिला, जहां आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की छतों पर रखी भारी-भरकम पानी की टंकियां खिलौनों की तरह उड़ गईं। सड़कों के किनारे खड़े विशालकाय पेड़ उखड़कर नीचे खड़ी लग्जरी कारों पर जा गिरे, जिससे गाड़ियां मलबे का ढेर बन गईं। यही हाल चंडीगढ़ के सेक्टर-43 का रहा, जहां बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से घंटों से लाइट गुल है। फरीदकोट के कोटकपूरा में चल रहे एक धार्मिक जागरण में भी अफरातफरी मच गई, जब तूफान ने विशाल पंडाल और टेंटों को उखाड़ फेंका।
क्यों बिगड़ा मौसम? क्या कहते हैं वैज्ञानिक
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, इस समय एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके साथ ही उत्तर हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। इन दोनों प्रणालियों के मिलन से अरब सागर से आने वाली नमी ने पंजाब और चंडीगढ़ में आंधी-बारिश का माहौल तैयार कर दिया है।
आने वाले दिन: कहीं ओले तो कहीं 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि राहत और आफत का यह दौर अभी थमने वाला नहीं है। आगामी 4 और 5 मई के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा और पटियाला जैसे जिलों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका है। 6 मई को 'येलो अलर्ट' रहेगा, जबकि 8 मई तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।
तापमान का गणित: बठिंडा अब भी सबसे गर्म
भले ही आज बारिश ने राहत दी हो, लेकिन बीते कल पंजाब के कई हिस्सों में सूरज ने खूब आंखें दिखाईं। बठिंडा 40.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जबकि फाजिल्का और फरीदकोट में भी पारा 39 डिग्री के पार रहा। लुधियाना में भी तापमान में करीब 3 डिग्री का उछाल देखा गया। अब बारिश और बादल छाने से उम्मीद है कि अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी।