अग्निवीर बनने का एक और मौका! सेना ने बढ़ाई रजिस्ट्रेशन की तारीख, अब 10 अप्रैल तक करें आवेदन
Apr 02, 2026 4:36 PM
हरियाणा। अगर आप सेना की वर्दी पहनकर देश सेवा का जज्बा रखते हैं और किसी तकनीकी चूक या देरी की वजह से अब तक 'अग्निवीर' भर्ती के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। भारतीय सेना ने युवाओं के भारी उत्साह और मांग को देखते हुए ऑनलाइन पंजीकरण की समय सीमा को विस्तार दे दिया है। अब अभ्यर्थी 10 अप्रैल तक आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित कर सकते हैं। यह फैसला उन हजारों उम्मीदवारों के लिए 'लाइफलाइन' साबित होगा जो अंतिम दिनों में सर्वर की सुस्ती या अन्य कारणों से पिछड़ गए थे।
किन-किन इलाकों के युवाओं के लिए खुला है द्वार?
भर्ती मुख्यालय (अंबाला) के अंतर्गत आने वाले हरियाणा के आधा दर्जन जिलों—अंबाला, कैथल, कुरुक्षेत्र, करनाल, यमुनानगर और पंचकूला—के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के युवा भी इस भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं। खास बात यह है कि सेना ने महिला अग्निवीरों के लिए भी बड़ा दिल दिखाया है। हरियाणा के अलावा दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ की महिला उम्मीदवार भी 10 अप्रैल तक अपनी दावेदारी पेश कर सकती हैं।
दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं, फिर भी कोई दिक्कत हो तो...
सेना ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन है। हालांकि, अक्सर देखा जाता है कि रजिस्ट्रेशन के दौरान ओटीपी (OTP) न आना या दस्तावेज अपलोड करने में अभ्यर्थियों को पसीने छूट जाते हैं। ऐसी किसी भी आपात स्थिति या तकनीकी समस्या के समाधान के लिए अंबाला स्थित सेना भर्ती मुख्यालय (HQ) में एक विशेष विंडो खोली गई है। कोई भी अभ्यर्थी वर्किंग डे के दौरान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच वहां पहुंचकर अधिकारियों से सीधे मदद ले सकता है।
तैयारी को दें अंतिम धार
जानकारों का मानना है कि तारीख बढ़ने का मतलब यह कतई नहीं है कि आप अंतिम दिन का इंतजार करें। अंतिम समय में ट्रैफिक बढ़ने से वेबसाइट क्रैश होने का डर बना रहता है, इसलिए जितनी जल्दी हो सके अपना फॉर्म लॉक कर दें। भर्ती रैली की शारीरिक दक्षता परीक्षा और लिखित परीक्षा के कड़े मापदंडों को देखते हुए युवाओं ने अभी से मैदानों में पसीना बहाना शुरू कर दिया है। अब जब आवेदन की राह आसान हो गई है, तो मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है।