Haryana Weather Update: हरियाणा में लॉकडाउन जैसे हालात, 44 डिग्री पार पहुंचा पारा, IMD का बड़ा अलर्ट
May 20, 2026 9:52 AM
हरियाणा। हरियाणा इस समय भीषण नौतपा जैसी मरुस्थलीय गर्मी की चपेट में है। राजस्थान की तरफ से आ रही शुष्क और बेहद गर्म हवाओं ने पूरे प्रदेश को भट्टी की तरह दहका दिया है। स्थिति यह हो गई है कि सुबह ग्यारह बजते ही धूप इतनी तीखी हो जाती है कि त्वचा झुलसने लगती है। दोपहर के समय शहरों और कस्बों के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है, जिससे राज्य में एक बार फिर लॉकडाउन जैसी तस्वीरें उभरने लगी हैं। मौसम विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि फिलहाल 24 मई तक इस जानलेवा गर्मी से कोई राहत नहीं मिलने वाली है।
सिरसा और हिसार में पारा रिकॉर्ड स्तर पर, मौसम विभाग का येलो अलर्ट
मौसम के बदले मिजाज और तापमान के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सूबे का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.6 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है। सिरसा, हिसार, रोहतक और फतेहाबाद जैसे जिलों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस की लक्ष्मण रेखा को लांघ चुका है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के मुताबिक, आने वाले तीन-चार दिनों में उत्तर और पश्चिमी हरियाणा के जिलों में सूरज के तेवर और ज्यादा तल्ख हो सकते हैं। इसी को देखते हुए पूरे प्रदेश में येलो अलर्ट एक्टिव कर दिया गया है।
धूलभरी आंधियां सोखेंगी हवा की नमी, 30 किमी की रफ्तार से चलेंगे थपेड़े
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह तक वायुमंडल में किसी भी तरह के बदलाव या पश्चिमी विक्षोभ की संभावना नहीं है। आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और धूप सीधे जमीन पर आएगी। पश्चिमी हवाओं ने हवा में मौजूद रही-सही नमी को भी पूरी तरह सोख लिया है, जिससे 'लू' के थपेड़े अब शरीर को सीधे नुकसान पहुंचा रहे हैं। विशेषकर दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा के इलाकों में अगले कुछ दिनों तक 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधियां चलेंगी, जो राहगीरों की मुश्किलें और बढ़ाएंगी।
हीट स्ट्रोक का बढ़ा खतरा: जानिए इस जानलेवा लू से खुद को कैसे बचाएं
अस्पतालों में इस समय डिहाइड्रेशन और उल्टी-दस्त के मरीजों की तादाद अचानक बढ़ गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में जरा सी लापरवाही हीट स्ट्रोक (लू लगना) का कारण बन सकती है। इससे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि शरीर में पानी की कमी न होने दी जाए। घर से बाहर निकलते समय सादा पानी, नींबू-पानी, शिकंजी, छाछ या लस्सी का सेवन लगातार करते रहें।