Breaking: कपूरथला में ब्लॉक समिति चुनाव से पहले फायरिंग, आप और राणा समर्थकों के बीच टकराव, पुलिस तैनात
Apr 01, 2026 12:31 PM
कपूरथला: पंजाब के कपूरथला जिले के सुल्तानपुर लोधी हलके में बुधवार को ब्लॉक समिति चेयरमैन चुनाव से पहले माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया, जब जोन फत्तू ढींगा में दो गुटों के बीच झड़प हो गई। यह घटना ढिलवां स्थित ब्लॉक समिति कार्यालय के बाहर हुई, जहां आम आदमी पार्टी के नेताओं और निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह के समर्थकों के बीच टकराव हुआ। इस दौरान फायरिंग की भी सूचना सामने आई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए।
चुनाव से पहले हिंसा से बढ़ा तनाव
ब्लॉक समिति चेयरमैन के चुनाव को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं, लेकिन झड़प के बाद स्थिति और बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों गुटों के बीच बहस अचानक हिंसक हो गई और देखते ही देखते हालात नियंत्रण से बाहर हो गए। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और इलाके में तनाव फैल गया।
विधायक ने लगाए गंभीर आरोप
निर्दलीय विधायक राणा इंदर प्रताप सिंह ने पुलिस प्रशासन पर निष्क्रियता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके एक उम्मीदवार का अपहरण कर लिया गया, जबकि दूसरे प्रत्याशी को ब्लॉक समिति कार्यालय में प्रवेश करने से रोका गया। उन्होंने इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मौके पर भारी बल तैनात कर दिया। पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि स्थिति और न बिगड़े। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने फायरिंग की पुष्टि की
कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने हवाई फायरिंग होने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच जारी है और जिन लोगों ने फायरिंग की है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि झड़प के पीछे क्या कारण थे और इसमें कौन-कौन शामिल थे।
सुल्तानपुर लोधी में गरमाया राजनीतिक माहौल
इस घटना के बाद सुल्तानपुर लोधी क्षेत्र का राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। ब्लॉक समिति चुनाव के दौरान हुई इस हिंसा ने प्रशासन और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में इस घटना के राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि दोनों पक्ष अपने-अपने आरोपों पर अड़े हुए हैं।