हरियाणा में बावरिया गैंग का पर्दाफाश, 7 जिलों में पेट्रोल पंप और ठेकों पर की थी लूट
May 15, 2026 10:51 AM
कुरुक्षेत्र। हरियाणा के अलग-अलग जिलों में आधी रात के सन्नाटे में पेट्रोल पंप और वाइन शॉप पर धावा बोलने वाले बावरिया गैंग का आखिरकार पुलिस ने अंत कर दिया है। कुरुक्षेत्र सीआईए-1 की टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर गैंग के तीन मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कुलदीप, अनिल कुमार (दोनों निवासी रोहतक) और राजीव (निवासी नरवाना) के रूप में हुई है। प्राथमिक पूछताछ में सामने आया है कि यह गैंग न केवल कुरुक्षेत्र बल्कि अंबाला, कैथल और रेवाड़ी समेत सात जिलों में लूटपाट की 20 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दे चुका है।
ग्राहक बनकर घुसते थे अंदर, फिर शुरू होता था तांडव
गैंग की लूट का तरीका बेहद शातिर था। 7 जनवरी की रात थाना गांव में हुई लूट का जिक्र करते हुए सेल्समैन कुलदीप सिंह ने बताया कि रात करीब साढ़े 10 बजे एक युवक शराब खरीदने के बहाने आया। जैसे ही सेल्समैन ने ठेके का दरवाजा खोला, आरोपी जबरन अंदर घुस गया और उसके पीछे दो अन्य साथी भी आ धमके। विरोध करने पर थप्पड़ मारे गए और जान से मारने की धमकी देकर गल्ले में रखे 10 हजार रुपये और तीन पेटी शराब लूटकर फरार हो गए। यही पैटर्न गैंग ने एनएच-152 पर स्थित पेट्रोल पंप और अन्य ठेकों पर भी अपनाया।
लग्जरी गाड़ी और रेकी का कॉम्बिनेशन
सीआईए-1 इंचार्ज प्रतीक कुमार के मुताबिक, यह गैंग वारदात से पहले पूरी प्लानिंग करता था। आरोपी पहले मोटरसाइकिल पर इलाकों की रेकी करते थे ताकि पुलिस की नजरों में न आएं। इसके बाद अपनी बाइक को किसी रेलवे स्टेशन या बस स्टैंड की पार्किंग में खड़ी कर देते और वहां से अपनी ब्रेजा गाड़ी उठाकर लूट की वारदात को अंजाम देने निकलते थे। आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और अकेले कुरुक्षेत्र में ही इनके खिलाफ 7 मामले दर्ज हैं।
रिमांड के दौरान होंगे बड़े खुलासे
पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर 5 दिन के रिमांड पर लिया है। जांच अधिकारी प्रतीक कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल की गई ब्रेजा गाड़ी, अवैध हथियार और लूटी गई नकदी बरामद की जानी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कुछ अन्य बड़े गिरोहों और वारदातों के बारे में भी अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। इस्माइलाबाद और अंबाला में एक ही रात में की गई बैक-टू-बैक लूट ने पुलिस को कड़ी मशक्कत करने पर मजबूर कर दिया था।