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Sonipat Crime: सोनीपत की देवीलाल कॉलोनी में गैंगवार, घर के बाहर युवक पर चलाईं ताबड़तोड़ गोलियां

Jun 14, 2026 4:55 PM

सोनीपत। दिल्ली से सटे सोनीपत में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसकी बानगी रविवार को शहर की देवीलाल कॉलोनी में देखने को मिली। इलाके में अपना दबदबा कायम करने की सनक में दो आपराधिक गुट इस कदर हिंसक हो उठे कि सरेआम गोलियां चल गईं। पहले एक युवक को जाल बिछाकर दूसरी जगह बुलाया गया और जब वह जान बचाकर अपने घर की तरफ भागा, तो शिकारी की तरह हमलावर उसकी दहलीज तक पहुंच गए। संकरी गली में हुई इस ताबड़तोड़ फायरिंग ने न सिर्फ स्थानीय निवासियों को दहला दिया है, बल्कि सोनीपत पुलिस के सुरक्षा दावों की भी पोल खोलकर रख दी है।

सेक्टर-23 में बनी थी मर्डर की स्क्रिप्ट, जान बचाकर भागा था पीड़ित

घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित गौरव को दूसरे पक्ष की तरफ से एक फोन आया। फोन पर उसे शहर के ही सेक्टर-23 में मिलने के लिए कहा गया था। गौरव जब वहां पहुंचा, तो दोनों पक्षों के बीच किसी बात को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई। सामने खड़े युवकों के तेवर देखकर गौरव को अनहोनी का अंदेशा हुआ और वह मामला बढ़ने से पहले ही वहां से कटकर अपने घर की तरफ भाग निकला। लेकिन विवाद वहीं नहीं थमा; हमलावर अपनी गाड़ियों में सवार होकर उसका पीछा करने लगे और सीधे देवीलाल कॉलोनी की उस गली में जा घुसे जहां गौरव का घर है।

सीसीटीवी में कैद हुआ खौफ का मंजर: बिना नंबर की गाड़ी और लाठी-डंडे

हमलावरों ने गली में कदम रखते ही गौरव को निशाना बनाते हुए करीब तीन राउंड सीधे फायर झोंक दिए। अचानक हुई इस फायरिंग से गली में चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों की तरफ भागे। हालांकि, इस जानलेवा हमले में गौरव बाल-बाल बच गया।

वारदात के ठीक बाद का एक सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के हाथ लगा है, जो सोशल मीडिया पर वायरल है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सफेद रंग की एक बिना नंबर प्लेट वाली संदिग्ध गाड़ी बेहद तेजी से गली से निकल रही है, और ठीक उसके पीछे दूसरे गुट के लोग हाथों में लाठी-डंडे और सरिए लेकर उस गाड़ी को तोड़ने और रोकने के लिए दौड़ रहे हैं। यह मंजर किसी फिल्मी गैंगवार जैसा डरावना था।

दोनों पक्षों का है पुराना क्रिमिनल बैकग्राउंड, एक आरोपी गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल से गोलियों के खोखे बरामद किए। सदर थाना प्रभारी उमेश कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह साफ तौर पर दो गुटों के बीच इलाके में वर्चस्व (सुप्रिमेसी) स्थापित करने की लड़ाई का मामला है।

थाना प्रभारी के मुताबिक, "दोनों ही पक्षों का बैकग्राउंड साफ नहीं है और इनके खिलाफ पहले भी संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।" पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस फायरिंग कांड के एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल बिना नंबर की गाड़ी और अन्य फरार बदमाशों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

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