सोनीपत में एसटीएफ का बड़ा एक्शन: गोलियों की गूंज के बीच धरे गए '5 करोड़ी' किडनैपर
Mar 21, 2026 10:45 AM
सोनीपत। हरियाणा में अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए एसटीएफ (Special Task Force) ने सोनीपत के मेंहदीपुर गांव के पास एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम दिया है। बहादुरगढ़ एसटीएफ यूनिट को सूचना मिली थी कि झज्जर के मशहूर बीडीएफ कॉलेज संचालक के बेटे का अपहरण करने वाले बदमाश एक बलेरो कार में सवार होकर किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। जैसे ही पुलिस ने घेराबंदी की, बदमाशों ने खुद को घिरता देख टीम पर फायरिंग झोंक दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी मोर्चा संभाला, जिसमें मुख्य आरोपी मंजीत और बिन्नी के पैर में गोलियां लगीं और वे वहीं ढेर हो गए।
होली का वो खौफनाक दिन: 8 साल के मासूम और 5 करोड़ की फिरौती
वारदात की जड़ें 4 मार्च यानी होली के दिन से जुड़ी हैं। झज्जर में उस वक्त हड़कंप मच गया था जब बदमाशों ने कॉलेज संचालक के 8 साल के मासूम बेटे को दिनदहाड़े अगवा कर लिया था। फिरौती की रकम सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए थे—पूरे 5 करोड़ रुपये। हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए बच्चे को तो पहले ही सकुशल बरामद कर लिया था, लेकिन इन शातिर बदमाशों की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार ने बच्चे की जान बचाने के लिए भारी-भरकम राशि भी दी थी, जिसके तार अब पुलिस खंगाल रही है।
एनकाउंटर के बाद गिरफ्तारी: 5 बदमाशों का गैंग अब सलाखों के पीछे
मुठभेड़ के दौरान घायल मंजीत और बिन्नी को तुरंत सोनीपत के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। वहीं, उनके तीन अन्य साथियों—रोहित, दीपांशु और अशोक को एसटीएफ ने मौके पर ही दबोच लिया। एसटीएफ इंचार्ज राकेश ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों पर पहले भी कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने मौके से दो अवैध पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को झज्जर पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहाँ रिमांड के दौरान फिरौती की रकम की बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
इलाके में दहशत और पुलिस की वाहवाही
इस मुठभेड़ के बाद सोनीपत और झज्जर के सीमावर्ती इलाकों में पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है। कॉलेज संचालक के परिवार ने एसटीएफ की इस कार्रवाई पर राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस तरह से बदमाशों ने दिनदहाड़े अपहरण जैसी हिमाकत की थी, पुलिस का यह 'बुलेट जवाब' अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जरूरी था। फिलहाल पुलिस की फॉरेंसिक टीम मौके से साक्ष्य जुटा रही है और वारदात में इस्तेमाल की गई बलेरो कार की भी जांच की जा रही है।