उत्तर प्रदेश में आंधी-बारिश से 111 मौतें: तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, प्रयागराज सबसे ज्यादा प्रभावित
May 15, 2026 9:31 AM
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 13 मई को आए तेज आंधी-तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की घटनाओं ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक राज्य के 26 जिलों से अब तक 111 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। प्रयागराज, भदोही, फतेहपुर, प्रतापगढ़, चंदौली और कुशीनगर सहित कई जिलों में पेड़ गिरने, दीवार ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में लोगों की जान गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालात का संज्ञान लेते हुए सभी जिलाधिकारियों और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
प्रयागराज और भदोही में सबसे ज्यादा असर
पूर्वांचल के कई जिलों में तूफान और बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। प्रयागराज में प्रशासन ने 26 लोगों की मौत की पुष्टि की है। शहर और ग्रामीण इलाकों में कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से हादसे हुए। भदोही जिले में 16 लोगों की जान गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि कई कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
फतेहपुर और प्रतापगढ़ में भी भारी नुकसान
फतेहपुर जिले में नौ लोगों की मौत हुई और 16 लोग घायल बताए गए हैं। जिले में कई गांवों में तेज हवा के कारण पेड़ और दीवारें गिर गईं। प्रतापगढ़ में चार लोगों की मौत की सूचना है। स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है। कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित रही, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कानपुर देहात, देवरिया और सोनभद्र में हादसे
कानपुर देहात में बिजली गिरने से एक युवती समेत दो लोगों की मौत हो गई। देवरिया में अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की जान गई। सोनभद्र जिले में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के अनुसार अधिकांश मौतें मकानों की दीवार गिरने, बिजली गिरने और पेड़ों के नीचे दबने की वजह से हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को घटनाओं का संवेदनशीलता के साथ सत्यापन करने और पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि राहत सहायता 24 घंटे के भीतर प्रभावित लोगों तक पहुंचनी चाहिए। सरकार ने राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को नुकसान का सर्वे कर जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा है।
राहत आयुक्त कार्यालय लगातार कर रहा निगरानी
राहत आयुक्त कार्यालय ने बताया कि जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है। प्रभावित जिलों को आवश्यक धनराशि जारी की जा रही है ताकि राहत कार्य में देरी न हो। राज्य में 170 पशुओं की मौत और 227 मकानों के नुकसान की भी पुष्टि हुई है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सतर्क रहने की सलाह दी है क्योंकि कई इलाकों में तेज हवा और बारिश की संभावना बनी हुई है।