- by Vinita Kohli
- Nov, 06, 2025 06:31
यमुनानगर: आयुष विभाग के योग विभाग की ओर से पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के तीसरे दिन छात्राओं को जल चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। आयुष विभाग के योग विशेषज्ञ डॉ. शिव कुमार सैनी ने जल चिकित्सा, गीली चादर लपेट, हॉट हैंड एंड फुट बाथ, कटि स्नान, मेरुदंड स्नान और भाप स्नान की विधि व लाभ समझाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा में जल उपचार महत्वपूर्ण स्थान रखता है, जिससे अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, बुखार और त्वचा रोग जैसी समस्याओं में बिना औषधि के राहत मिल सकती है। योग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. रंजना ने छात्राओं को योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा को जीवनशैली में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा से गंभीर बीमारियों में भी लाभ संभव है। मौके पर आयुष योग सहायक दीपक बड़ौला, योग विभाग की सहायक प्रोफेसर स्मृति शर्मा, नीलम, नैना, दिव्या, गुरमीत कौर सहित अन्य स्टाफ व छात्राएँ मौजूद रहीं।