Search

Chandigarh News: प्रशासक का ऐलान, रेजिडेंट्स की समस्याओं के समाधान के लिए हर माह होगी बैठक

Apr 13, 2026 10:10 AM

चंडीगढ़: यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर बड़ा बयान देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अब रेजिडेंट्स की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर माह क्रॉफ़्ड के साथ नियमित रिव्यू मीटिंग आयोजित की जाएगी। यह बैठक प्रत्येक महीने एक निर्धारित बुधवार को एक घंटे के लिए होगी, जिसमें शहर से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस मौके पर क्रॉफ़्ड की डायरेक्टरी एवं स्मारिका का विमोचन भी किया गया।  इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि यह पहल शहर की विभिन्न रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद को और अधिक सशक्त बनाएगी। इससे न केवल आपसी समन्वय बढ़ेगा, बल्कि “ईज ऑफ लिविंग” को भी नई गति मिलेगी।

वहीं, हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई को लेकर प्रशासक ने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को ही हटाया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई अदालत की अवमानना के आदेशों के तहत की गई है और इसमें किसी भी प्रकार की मनमानी नहीं हुई। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मामले में रेजिडेंट्स स्वयं अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं, जिसके बाद ही यह कार्रवाई अमल में लाई गई। शहर की खराब सड़कों के मुद्दे पर उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने स्वयं केंद्र सरकार से बातचीत कर नगर निगम के लिए 125 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत करवाई है। इस राशि का उपयोग शहर की सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्यों में किया जाएगा, जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी और यातायात व्यवस्था भी सुचारू होगी।

कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासक ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि अपराधियों को शहर की सीमा के भीतर ही पकड़ लिया जाए, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में और अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। पानी की समस्या पर बोलते हुए उन्होंने नागरिकों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि यदि लोग पानी के उपयोग में संयम बरतें और टंकियां भरने, वाहनों की धुलाई जैसी गतिविधियों में अनावश्यक बर्बादी को रोकें, तो जल आपूर्ति की स्थिति में काफी सुधार संभव है। मेट्रो परियोजना पर अपनी राय रखते हुए प्रशासक ने कहा कि महंगी मेट्रो परियोजना की बजाय इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देना अधिक व्यावहारिक और किफायती विकल्प है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रिक बस सेवा को आम नागरिकों के लिए मुफ्त किया जा सकता है, जो मेट्रो की तुलना में कहीं अधिक सस्ता और लचीला समाधान साबित होगा। 

उन्होंने नागरिकों और अधिकारियों को एक अनोखा संदेश देते हुए कहा कि सभी को कम से कम एक दिन पैदल या साइकिल से चलकर शहर की वास्तविक स्थिति का अनुभव करना चाहिए। इससे न केवल समस्याओं की बेहतर समझ विकसित होगी, बल्कि समाधान की दिशा में संवेदनशीलता भी बढ़ेगी। प्रशासक ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि क्रॉफ़ेड के सतत प्रयास चंडीगढ़ को स्वच्छ, सुरक्षित, संगठित और आदर्श शहर बनाने में अहम भूमिका निभाते रहेंगे। इस दौरान हितेश पुरी ने कानून-व्यवस्था, सीनियर सिटीजन की सुरक्षा और हाउसिंग बोर्ड से जुड़ी समस्याओं को लेकर प्रशासक को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रशासक ने आश्वासन दिया कि इन मुद्दों पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

You may also like:

Please Login to comment in the post!