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यूटी प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का संस्कृत संस्थान दौरा, ज्ञान विरासत के संरक्षण पर दिया जोर

Feb 25, 2026 10:39 AM

चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल और यूटी के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब यूनिवर्सिटी के विश्वेश्वरानंद विश्वबंधु संस्कृत एवं इंडोलॉजिकल अध्ययन संस्थान, (होशियारपुर परिसर) का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ पीयू की वीसी प्रो. रेनू विग भी मौजूद रहीं। दौरे के दौरान प्रशासक ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित आचार्य इंद्रदत्त उनियाल को समर्पित अभिनंदन ग्रंथ का विमोचन किया। इस ग्रंथ का मुख्य संपादन प्रो. रितु बाला ने किया है, जबकि सह-संपादन नीरज कुमार ने किया। 

इस अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. सुधांशु कुमार शडंगी और कार्यक्रम अधिकारी प्रो. रितु बाला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके बाद प्रशासक ने संस्थान परिसर में स्थित पंजाब सरकार संग्रहालय का अवलोकन किया और संस्थान के पुस्तकालय का निरीक्षण भी किया। इस दौरान प्रशासक ने वहां संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों को विशेष रूप से देखा और उनकी सराहना की।

निरीक्षण के उपरांत प्रशासक ने विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद भी किया। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में संरक्षित ज्ञान विरासत को सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे संस्थान भारत की समृद्ध बौद्धिक और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रशासक ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भारतीय ज्ञान परंपरा को समझें, उसे आगे बढ़ाएं और आधुनिक संदर्भ में उसका उपयोग करें। 

उन्होंने कहा कि संस्कृत और इंडोलॉजी जैसे विषय न केवल इतिहास को संजोते हैं, बल्कि भविष्य को भी दिशा देते हैं। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर नीरज कुमार, डॉ. तेज प्रकाश, रितेश, संजीव सहित संस्थान के अन्य शिक्षक और छात्र भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

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