Search

दिल्ली में प्रवासियों की मौज: बिना गैस कनेक्शन मिलेगा 5 किलो का छोटा सिलेंडर, बस दिखाएं एक ID

Apr 04, 2026 4:29 PM

दिल्ली। देश की राजधानी में रहने वाले लाखों प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए दिल्ली सरकार ने एक बेहद राहत भरा फैसला लिया है। अक्सर किराए के कमरों में रहने वाले इन लोगों के पास स्थाई पते का प्रमाण (Permanent Address Proof) नहीं होता, जिसकी वजह से उन्हें गैस कनेक्शन लेने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने 5 किलो वाले 'छोटा सिलेंडर' की सुविधा को आसान बना दिया है। अब कोई भी कामगार या छात्र जिसके पास स्थाई कनेक्शन नहीं है, वह केवल एक वैध पहचान पत्र (ID Proof) दिखाकर गैस सिलेंडर प्राप्त कर सकेगा।

वजन में हल्का, पहुंच में आसान: प्रवासियों को ऐसे होगा फायदा

सरकार का मानना है कि 5 किलो वाले सिलेंडर का वजन कम होने के कारण इसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना आसान है, जो बार-बार कमरा बदलने वाले मजदूरों के लिए वरदान साबित होगा। विभाग के अनुसार, वर्तमान में एलपीजी की मांग में अप्रत्याशित उछाल आया है और रोजाना बुकिंग का आंकड़ा 2 लाख के पार पहुंच गया है। बुकिंग के इस बैकलॉग की वजह से कई इलाकों में गैस की किल्लत देखी जा रही है, जिसे दूर करने के लिए यह 'छोटा सिलेंडर' मॉडल काफी कारगर साबित हो सकता है।

जमाखोरों पर सरकार का हंटर: 27 के खिलाफ केस दर्ज

गैस की बढ़ती किल्लत के बीच कुछ असामाजिक तत्व सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण में भी जुटे हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए अब तक 27 ऐसे मामले दर्ज किए हैं, जहां सिलेंडर की जमाखोरी की जा रही थी। विभाग ने जनता से भी अपील की है कि यदि कहीं कालाबाजारी दिखे, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 011-23379836 या 8383824659 पर शिकायत दर्ज कराएं। ये नंबर सुबह 9 से शाम 7 बजे तक सक्रिय रहेंगे और सूचना मिलते ही तुरंत रेड की कार्रवाई की जाएगी।

PNG के विस्तार पर जोर: एलपीजी की किल्लत का पक्का इलाज

एक तरफ जहां सरकार एलपीजी की किल्लत दूर करने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पीएनजी (Piped Natural Gas) के नेटवर्क को बढ़ाने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जिन रिहायशी इलाकों में पाइपलाइन की सुविधा उपलब्ध है, वहां लोग जल्द से जल्द पीएनजी कनेक्शन लें। इससे न केवल एलपीजी पर निर्भरता कम होगी, बल्कि लोगों को बुकिंग और डिलीवरी के झंझट से भी मुक्ति मिलेगी। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में पीएनजी ही रसोई गैस का मुख्य जरिया बनेगा, जिससे एलपीजी के बैकलॉग की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

You may also like:

Please Login to comment in the post!