फतेहाबाद में खाकी शर्मसार: पुलिस देखती रही तमाशा, कातिल ने युवक को उतारा मौत के घाट
Mar 16, 2026 12:55 PM
फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले में पुलिस का इकबाल किस कदर खत्म हो चुका है, इसकी गवाही गुरु नानक पुरा मोहल्ले की गलियां दे रही हैं। रविवार की रात यहां जो हुआ, उसने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया, बल्कि पुलिस की वर्दी पर भी गहरा दाग लगा दिया है। महज 25 साल के संदीप की बेरहमी से हत्या कर दी गई, और वह भी तब जब कानून के रखवाले उसकी सुरक्षा के लिए महज चंद कदम की दूरी पर खड़े थे। विवाद की सूचना पाकर पहुंची पुलिस की टीम के सामने ही हमलावरों ने कानून को ठेंगा दिखाया और संदीप को चाकू से छलनी कर दिया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पुलिस की पोल
वारदात का जो सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, वह रूह कंपा देने वाला और पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवालिया निशान लगाने वाला है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद हैं और दोनों पक्षों के बीच बहस हो रही है। इसी दौरान एक युवक अचानक जेब से चाकू निकालता है और संदीप पर ताबड़तोड़ वार करने लगता है। हैरान करने वाली बात यह है कि वर्दी पहने जवान वहां पत्थर की मूरत बने खड़े रहे। न तो किसी ने कातिल का हाथ पकड़ने की जहमत उठाई और न ही उसे भागने से रोका। हमलावर बेखौफ अंदाज में वहां से पैदल ही फरार हो गया और पुलिस बस देखती रह गई।
परिजनों का आक्रोश: 'पुलिस होती मुस्तैद तो बच जाती संदीप की जान'
मूल रूप से बाहर का रहने वाला संदीप पिछले कुछ समय से अपने मामा के पास रह रहा था। पड़ोस के ही कुछ दबंगों के साथ उसका मामूली विवाद हुआ था, जो मौत के खूनी खेल में बदल गया। अस्पताल में संदीप को मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। परिजनों का सीधा आरोप है कि हमलावरों को पुलिस का कोई डर नहीं था, क्योंकि उन्हें पता था कि खाकी उनके सामने बेबस है। परिजनों ने मांग की है कि केवल मुख्य आरोपी ही नहीं, बल्कि उस समय ड्यूटी पर तैनात उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा चलना चाहिए जिनकी लापरवाही ने संदीप की जान ले ली।
हड़कंप में पुलिस महकमा, जांच के आदेश
सरेआम हुई इस हत्या और पुलिस की लाचारी का वीडियो वायरल होने के बाद जिले के उच्चाधिकारियों में खलबली मच गई है। आनन-फानन में आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की गई हैं। हालांकि, स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति भारी रोष है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर पुलिस के सामने ही कत्ल होने लगें, तो आम आदमी खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगा? पुलिस प्रशासन अब अपनी साख बचाने के लिए मामले में विभागीय जांच और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दे रहा है, लेकिन संदीप के घर में पसरा मातम पुलिस की विफलता की कहानी चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है।