Haryana Chemist Strike: हरियाणा में आज 20 हजार मेडिकल स्टोर बंद, जानिए आपके शहर में मिलेगी दवा या नहीं
May 20, 2026 10:19 AM
हरियाणा। इंटरनेट के जरिए धड़ल्ले से हो रही दवाओं की ऑनलाइन बिक्री के विरोध में आज हरियाणा के केमिस्टों ने राज्यव्यापी हड़ताल का बिगुल फूंक दिया है। हरियाणा स्टेट केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के फैसले के बाद बुधवार सुबह से ही राज्य के करीब 20 हजार मेडिकल स्टोरों के शटर गिरे नजर आए। केमिस्टों का आरोप है कि अवैध ई-फार्मेसी के बढ़ते चलन से न सिर्फ उनका पारंपरिक व्यापार चौपट हो रहा है, बल्कि बिना डॉक्टर के पर्ची के बिक रही दवाएं सीधे तौर पर मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ हैं। यह हड़ताल आज रात 12 बजे तक जारी रहेगी।
सोनीपत और हिसार में पसरा सन्नाटा, दुकानों पर लटके स्ट्राइक के पोस्टर
हड़ताल का सबसे व्यापक असर सोनीपत और हिसार जैसे जिलों में देखने को मिल रहा है। सोनीपत केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रधान सुरेश कादियान ने बताया कि जिले की एक हजार से ज्यादा दुकानें पूरी तरह बंद हैं। दुकानदारों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने शटर पर हड़ताल के पोस्टर चस्पा कर दिए हैं। केमिस्टों का कहना है कि सरकार को ऑनलाइन दवाओं के इस अनियंत्रित कारोबार पर तुरंत नकेल कसनी चाहिए ताकि आम जनता की सुरक्षा और स्थानीय व्यापारियों का रोजगार दोनों महफूज रह सकें।
पानीपत में दो फाड़ हुई एसोसिएशन, एक पक्ष ने खोली तो दूसरे ने बंद की दुकानें
औद्योगिक नगरी पानीपत में केमिस्टों की आपसी गुटबाजी खुलकर सड़क पर आ गई। यहां ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स के जिला प्रधान करतार सिंह मक्कड़ ने सुबह से ही बंद का समर्थन करते हुए दुकानें बंद करवाईं। वहीं, इसके उलट पानीपत केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के दूसरे धड़े के जिला प्रधान कुलदीप सिंह कादयान ने हड़ताल का खुला विरोध किया। कादयान गुट ने मरीजों की सहूलियत का हवाला देते हुए अपने मेडिकल स्टोर आम दिनों की तरह खुले रखे, जिससे बाजार में मिला-जुला असर देखा गया।
गुरुग्राम-पंचकूला ने हड़ताल से मोड़ा मुंह, कहा- अभी सही समय नहीं
हड़ताल के इस बड़े आह्वान के बीच साइबर सिटी गुरुग्राम और ट्रिसिटी के पंचकूला जिले में केमिस्टों ने अपने पैर पीछे खींच लिए। गुरुग्राम केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने साफ किया कि ऑनलाइन दवाओं की नियम नियमावली को लेकर मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए कोर्ट का फैसला आने से पहले हड़ताल पर जाना जल्दबाजी होगी। वहीं, पंचकूला एसोसिएशन के प्रधान मनोज गुलाटी ने अंदरूनी मतभेदों का हवाला देते हुए खुद को इस बंद से पूरी तरह अलग रखा। दिल्ली और पंजाब के कई हिस्सों की तरह ही महेंद्रगढ़ के जिला सचिव संदीप शांडिल्य ने भी दुकानें खुली रखने का एलान किया।
आपातकालीन सेवाएं बहाल, अस्पतालों और जन औषधि केंद्रों पर लगी कतारें
भले ही निजी और रिटेल मेडिकल स्टोर बंद होने से आम मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए राहत की बात है। राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के भीतर संचालित होने वाले मेडिकल स्टोर और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों को इस हड़ताल से मुक्त रखा गया है। आपातकालीन स्थिति में लोग इन केंद्रों से जीवनरक्षक दवाएं खरीद पा रहे हैं, जिसके चलते अस्पतालों के फार्मेसी काउंटरों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं।