हरियाणा में अस्पताल में दवा होते हुए बाहर का पर्चा लिखा तो नपेंगे डॉक्टर, सीएम का अल्टीमेटम
Apr 01, 2026 5:34 PM
हरियाणा। हरियाणा सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का तेवर काफी सख्त नजर आया। अक्सर यह शिकायतें आती रही हैं कि सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाओं का भंडार होने के बावजूद कुछ डॉक्टर मरीजों को निजी मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया कि अब पारदर्शिता ही एकमात्र विकल्प है। यदि कोई चिकित्सक बाहर की दवा सुझाता है, तो उसे बाकायदा रिकॉर्ड में दर्ज करना होगा कि अस्पताल के स्टोर में उस साल्ट (Salt) की कमी का कारण क्या था। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डिजिटल कवच: अब एक क्लिक पर दिखेगा दवाओं का कच्चा चिट्ठा
दवा प्रबंधन प्रणाली में सेंधमारी रोकने के लिए सरकार अब 'रियल टाइम सेंट्रलाइज्ड पोर्टल' का सहारा लेने जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से मुख्यालय से ही यह पता लगाया जा सकेगा कि किस जिला अस्पताल या पीएचसी (PHC) में कौन सी दवा कितनी मात्रा में उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को हिदायत दी है कि वे 'रिएक्टिव' होने के बजाय 'प्रोएक्टिव' बनें। यानी दवा खत्म होने का इंतजार न करें, बल्कि स्टॉक खत्म होने से कम से कम चार दिन पहले ही संबंधित सप्लाई एजेंसियों को डिमांड भेजें ताकि चेन न टूटे।
डॉक्टरों की कमी और आधुनिक जांच: मिशन मोड में सरकार
बैठक में केवल दवाओं पर ही नहीं, बल्कि ढांचागत सुधारों पर भी मंथन हुआ। प्रदेश में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) के आधार पर तत्काल भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री का विजन साफ है कि मरीज को जांच के लिए निजी लैब के चक्कर न काटने पड़ें। इसके लिए सभी बड़े अस्पतालों में सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य आधुनिक डायग्नोस्टिक मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सफाई से लेकर खाने तक... बदलेगी अस्पतालों की सूरत
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को केवल इलाज तक सीमित न रहकर अस्पताल के वातावरण को भी सुधारने के निर्देश दिए। इसमें एंबुलेंस सेवाओं की मुस्तैदी, अस्पतालों में साफ-सफाई का मानक, एलपीजी व्यवस्था और भर्ती मरीजों को दिए जाने वाले भोजन की पौष्टिकता शामिल है। उन्होंने साफ कहा कि "मरीज अस्पताल में विश्वास लेकर आता है, उसे वहां बेहतर इलाज और सम्मानजनक सुविधाएं मिलना उसका अधिकार है।