Haryana News: बहादुरगढ़ में बेकाबू कैंटर का कहर, 7 लोगों को रौंदा, 3 युवकों की मौत, महिला समेत 4 घायल
Mar 23, 2026 3:18 PM
हरियाणा। हरियाणा के बहादुरगढ़ में सोमवार का दिन चीख-पुकार और मातम में बदल गया। एक सिरफिरे कैंटर चालक ने शहर की सड़कों पर ऐसा खूनी खेल खेला कि महज कुछ ही मिनटों के भीतर तीन घरों के चिराग बुझ गए। रफ्तार और लापरवाही के इस कॉम्बिनेशन ने न केवल राहगीरों को अपनी चपेट में लिया, बल्कि शहर के दो व्यस्ततम इलाकों में दहशत फैला दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात चालक के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर उसकी धरपकड़ के लिए टीमें रवाना कर दी हैं।
दोस्त के साथ सड़क पार कर रहे थे, काल बनकर आया कैंटर
खून जमा देने वाला पहला हादसा दोपहर करीब साढ़े 12 बजे दिल्ली-रोहतक रोड पर स्थित आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (MIE) के मामा चौक पर पेश आया। चश्मदीदों के मुताबिक, दो प्रवासी युवक सड़क पार कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने उन्हें संभलने तक का मौका नहीं दिया और रौंदते हुए निकल गया। इस भीषण टक्कर में बिहार के छपरा जिले के रहने वाले अशोक (32) और शंभू (22) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। दोनों युवक बहादुरगढ़ की एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहे थे।
भागने की फिराक में बाईपास पर फिर बरपाया कहर
मामा चौक पर खून की होली खेलने के बाद भी कैंटर चालक का दिल नहीं पसीजा। गिरफ्तारी के डर से वह वाहन को और तेज भगाते हुए बहादुरगढ़ बाईपास की ओर निकल गया। यहाँ उसने सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मारी, जिसमें कानोंदा निवासी योगेंद्र (30) ने दम तोड़ दिया, जबकि उसका साथी प्रवीण लहूलुहान हो गया। इसके तुरंत बाद बेकाबू कैंटर ने एक सवारी ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया। ऑटो में सवार लाइनपार निवासी प्रेम नामक महिला, उनके पति कृष्ण और चालक जयवीर गंभीर रूप से घायल हो गए।
अस्पताल में मची अफरा-तफरी, आरोपी की तलाश तेज
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। महिला की नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआईएमएस (PGIMS) रेफर कर दिया है। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भिजवा दिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और कैंटर के नंबर के आधार पर मालिक और चालक की पहचान की जा रही है। इस घटना के बाद से औद्योगिक क्षेत्र के श्रमिकों और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।