सुसाइड से पहले बनाया वीडियो: भाभी पर पीटने और झूठे केस में फंसाने का आरोप, दो बच्चों के पिता ने दी जान
May 05, 2026 11:03 AM
करनाल। करनाल के चुंडीपुर गांव में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहाँ 35 वर्षीय जोगिंद्र ने घर के अंदर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। जोगिंद्र की मौत का कारण शारीरिक चोट से कहीं अधिक वह मानसिक प्रताड़ना और 'बदनामी' का डर बताया जा रहा है, जो उसकी भाभी द्वारा लगाए गए कथित झूठे आरोपों और मारपीट से पैदा हुआ था।
"मैं फांसी लगाकर मर रहा हूं": आखिरी अल्फाज
जोगिंद्र ने मौत को गले लगाने से चंद सेकंड पहले एक मोबाइल वीडियो बनाया। इस छोटे से वीडियो में उसकी आंखों में बेबसी और गला भर्राया हुआ था। उसने बस इतना ही कहा, "मैं फांसी लगाकर मर रहा हूं।" इसके तुरंत बाद उसने फंदा लगा लिया। मासूम बेटी जब झाड़ू लगाकर अंदर गई, तो पिता को पंखे से लटका देख उसकी चीखें निकल गईं।
विवाद की जड़: मकान का पैसा और रंजिश
मृतक के जीजा पृथ्वी सिंह ने बताया कि जोगिंद्र ने कड़ी मेहनत से एक मकान बनाया था। इस मकान की आधी रकम उसके भाई पवन को मिलनी थी, लेकिन पवन की पत्नी (जोगिंद्र की भाभी) इसका विरोध कर रही थी। पैसों के इसी लेनदेन ने घर के भीतर कलह का ऐसा बीज बोया जिसने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया।
भाभी के मायके वालों ने तोड़े दांत, फिर पुलिस में की शिकायत
परिजनों के अनुसार, बीती 2 मई को विवाद इतना बढ़ गया कि भाभी ने अपने मायके से भाइयों और अन्य लोगों को बुला लिया। आरोप है कि उन लोगों ने जोगिंद्र को बेरहमी से पीटा, जिससे उसके चार दांत टूट गए और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। पिटाई से मन नहीं भरा तो भाभी ने थाने जाकर जोगिंद्र के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज करा दी।
पॉलिश का काम करने वाला जोगिंद्र इन आरोपों से इस कदर टूट गया कि उसे समाज का सामना करना दूभर लगने लगा। उसकी बेटी ने रोते हुए बताया कि ताई ने जानबूझकर झूठे आरोप लगाए और अपने भाइयों से पिता की पिटाई करवाई। वारदात के बाद आरोपी महिला अपने मायके चली गई थी।
पुलिस तफ्तीश और पोस्टमॉर्टम
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखवा दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि सुसाइड से पहले बनाया गया वीडियो और मोबाइल कब्जे में ले लिया गया है। फिलहाल पुलिस को परिजनों की ओर से औपचारिक लिखित शिकायत का इंतजार है। पड़ोसियों का कहना है कि जोगिंद्र दो बच्चों का पिता था और अपने काम से काम रखता था। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों और कानून के दुरुपयोग जैसे गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है। अब देखना यह है कि पुलिस की जांच में 'छेड़छाड़' के उन आरोपों और मारपीट करने वाले आरोपियों पर क्या कार्रवाई होती है।