पानीपत अग्निकांड: सेक्टर-25 की हैंडलूम फैक्ट्री में लगी भीषण आग, धू-धू कर जली तीन मंजिला इमारत
Apr 17, 2026 2:45 PM
पानीपत। टेक्सटाइल सिटी पानीपत के सेक्टर-25 (पार्ट-2) स्थित औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार का सवेरा किसी बुरे सपने की तरह आया। यहाँ की मशहूर जेके हैंडलूम फैक्ट्री में सुबह करीब 7:30 बजे उस समय आग लग गई, जब मजदूर अपनी शिफ्ट शुरू करने की तैयारी में थे। देखते ही देखते आग इतनी बेकाबू हो गई कि फैक्ट्री की खिड़कियों से निकलती आग की लपटों ने पूरी बिल्डिंग को घेर लिया। धुएं का गुबार इतना घना था कि करीब 3-4 किलोमीटर दूर से ही आसमान में काला बादल साफ नजर आ रहा था।
ऊपरी मंजिल से शुरू हुई तबाही: माल बचाने की जद्दोजहद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की पहली चिंगारी फैक्ट्री की सबसे ऊपरी मंजिल (टॉप फ्लोर) पर देखी गई थी। चूंकि हैंडलूम यूनिट्स में धागा, कपास और कपड़े जैसे अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थों का भारी स्टॉक रहता है, इसलिए आग को फैलने के लिए महज कुछ सेकंड लगे। फैक्ट्री में मौजूद श्रमिकों ने जान की परवाह न करते हुए निचले तल पर रखे तैयार माल को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन लपटों की तपिश इतनी ज्यादा थी कि उन्हें पीछे हटना पड़ा।
पड़ोसी फैक्ट्रियों में मचा हड़कंप, काम ठप
आग की भयावहता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला। जेके हैंडलूम के साथ लगती अन्य फैक्ट्रियों में भी आग फैलने का खतरा मंडराने लगा, जिसके चलते एहतियात के तौर पर पड़ोसी फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और अन्य उद्यमियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक आग पूरी तरह ठंडी नहीं हो जाती, वे अपने प्लांट चालू न करें। पड़ोसी फैक्ट्रियों के कर्मचारी भी अपने निजी फायर हाइड्रेंट के जरिए आग को अपनी ओर आने से रोकने की जद्दोजहद में जुटे रहे।
शॉर्ट सर्किट का अंदेशा, करोड़ों का नुकसान!
हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 और दमकल विभाग की एक के बाद एक कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों को संकरी गलियों और भीषण गर्मी के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हालांकि, आग लगने का सटीक कारण अभी जांच का विषय है, लेकिन प्रथम दृष्टया इसे शॉर्ट सर्किट का मामला माना जा रहा है। फैक्ट्री मालिक के अनुसार, इस अग्निकांड में मशीनरी समेत लाखों-करोड़ों रुपये का तैयार माल और कच्चा माल जलकर पूरी तरह स्वाहा हो गया है। फिलहाल, राहत की सबसे बड़ी बात यही है कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है।