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सीबीएसई 10वीं बोर्ड: दूसरे चरण की परीक्षा का शेड्यूल जारी, जानें कब और कैसे करें आवेदन

Apr 17, 2026 5:00 PM

दिल्ली। सीबीएसई द्वारा 15 अप्रैल को घोषित किए गए 10वीं के नतीजों के बाद, बोर्ड अब उन छात्रों की मदद के लिए आगे आया है जो अपनी उम्मीदों के मुताबिक स्कोर नहीं कर पाए। बोर्ड ने मई में आयोजित होने वाली दूसरे चरण की परीक्षा के लिए 'लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स' (LOC) और फीस जमा करने का विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। यह परीक्षा न केवल कंपार्टमेंट श्रेणी वाले छात्रों के लिए संजीवनी है, बल्कि उन मेधावियों के लिए भी एक बड़ा मंच है जो अपने ग्रेड्स में और सुधार करना चाहते हैं।

समय का रखें ध्यान: फीस और एलओसी के लिए तीन चरणों की व्यवस्था

बोर्ड ने आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित रखने के लिए इसे तीन हिस्सों में बांटा है।

सामान्य अवधि: 16 से 20 अप्रैल के बीच छात्र बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ के अपनी परीक्षा फीस जमा कर सकते हैं।

स्कूलों की जिम्मेदारी: स्कूलों को 20 अप्रैल तक हर हाल में डेटा फाइनल कर बोर्ड के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। याद रहे, एक बार एलओसी फाइनल हो गई तो उसमें सुधार की गुंजाइश नहीं बचेगी।

लेट फीस का प्रावधान: जो छात्र इस समय सीमा को चूक जाएंगे, उनके पास 21 और 22 अप्रैल का आखिरी मौका होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें ₹2000 प्रति छात्र की भारी-भरकम लेट फीस चुकानी होगी।

विषयों में बदलाव की छूट: स्टैंडर्ड या बेसिक, अब छात्र करेंगे तय

इस बार सीबीएसई ने छात्रों को विषयों के चुनाव में लचीलापन प्रदान किया है। बोर्ड के नए नियमों के मुताबिक, जिन छात्रों ने मुख्य परीक्षा में स्टैंडर्ड मैथ्स (Standard Maths) ली थी, वे अब बेसिक मैथ्स (Basic Maths) का विकल्प चुन सकते हैं। वहीं, बेसिक वाले छात्र अपनी तैयारी के आधार पर स्टैंडर्ड मैथ्स की परीक्षा दे सकते हैं। छात्र विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं सहित अधिकतम तीन विषयों में अपने स्कोर को बेहतर बनाने के लिए इस परीक्षा में बैठ सकते हैं।

स्पोर्ट्स और विशेष श्रेणी के छात्रों के लिए विशेष निर्देश

स्पोर्ट्स कोटा के तहत आने वाले छात्रों के लिए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि उन्हें पूर्व अनुमति के आधार पर ही शामिल किया जाएगा। वहीं, विशेष आवश्यकता वाले छात्रों (CWSN) को वे तमाम सुविधाएं और रियायतें मिलती रहेंगी, जो उन्हें मुख्य परीक्षा के दौरान दी गई थीं। एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि यदि कोई छात्र फीस भरने के बाद परीक्षा में अनुपस्थित रहता है, तो उसका मुख्य परीक्षा 2026 का पुराना परिणाम ही वैध माना जाएगा। बोर्ड की इस पहल से उन लाखों छात्रों के चेहरों पर चमक लौट आई है, जिन्हें लग रहा था कि एक परीक्षा ने उनके भविष्य का फैसला कर दिया है।

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