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Hansi News: हांसी के चैनत गांव में 35 दिनों से पानी के लिए हाहाकार, अनशनकारियों की हालत देख प्रशासन के हाथ-पांव फूले

Jun 19, 2026 4:52 PM

हांसी। हरियाणा के हिसार जिले के अंतर्गत आते हांसी के चैनत गांव में पीने के पानी की किल्लत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और सियासी संकट में बदल चुका है। शुक्रवार को ग्रामीणों के आंदोलन को पूरे 35 दिन हो गए हैं। स्थिति तब और नाजुक हो गई जब धरनास्थल पर बैठे पांच बुजुर्ग ग्रामीणों की तबीयत आमरण अनशन के कारण लगातार बिगड़ने लगी। इस गतिरोध को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने आनन-फानन में अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। अधिकारियों ने जहां एक तरफ ग्रामीणों से आंदोलन खत्म कर बातचीत की मेज पर आने की गुहार लगाई, वहीं दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था को लेकर कड़े संकेत भी दिए हैं।

शहर वाली पाइपलाइन पर अड़े ग्रामीण, डीसी बोले- राजली हेड से दे रहे हैं पानी

आंदोलनकारी ग्रामीणों का तर्क बेहद सीधा और स्पष्ट है। उनका कहना है कि हांसी शहर के लिए जो पेयजल पाइपलाइन जा रही है, उसी लाइन से चैनत गांव को भी जोड़कर नियमित पानी दिया जाए। ग्रामीणों के मुताबिक किसी नई या अलग व्यवस्था के बजाय इस चालू लाइन से जुड़ाव ही उनकी बरसों पुरानी समस्या का एकमात्र स्थायी इलाज है। दूसरी ओर, जिला उपायुक्त (डीसी) राहुल नरवाल ने प्रशासनिक पक्ष रखते हुए बताया कि सरकार गांव की मांग को लेकर गंभीर है। इसी के तहत भाखड़ा का स्वच्छ पानी चैनत तक पहुंचाने के लिए राजली हेड से एक बिल्कुल नई और अलग पाइपलाइन बिछाने का काम धरातल पर शुरू भी कर दिया गया है। डीसी ने अपील की कि जब पानी की मांग पूरी की जा रही है, तो ग्रामीणों को अनशन छोड़ विकास में सहयोग करना चाहिए।

82 साल के बुजुर्ग की हालत नाजुक, मेडिकल टीम को बैरंग लौटाया

प्रशासन के सामने इस वक्त सबसे बड़ी चुनौती अनशनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। डीसी राहुल नरवाल ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि अनशन पर बैठे 82 वर्षीय बुजुर्ग टेकचंद पहले से ही अस्थमा (दमा) के मरीज हैं, और उनके साथ बैठे अन्य चार बुजुर्गों के शरीर के मानक भी तेजी से गिर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की डॉक्टरों की टीम जब जांच और प्राथमिक उपचार के लिए धरनास्थल पर पहुंची, तो आंदोलनकारियों ने असहयोग करते हुए उन्हें बैरंग वापस लौटा दिया। डीसी ने दोटूक कहा कि नागरिकों की जान बचाना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है और यदि जिद के कारण अनशनकारियों के स्वास्थ्य को कोई जानलेवा नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी खुद धरना दे रहे लोगों की होगी।

एसपी विनोद कुमार की सख्त चेतावनी: कुछ भी अनहोनी हुई तो दर्ज होगा मर्डर केस

स्वास्थ्य टीम को रोके जाने और बुजुर्गों की नाजुक हालत पर हांसी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार ने बेहद सख्त और आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। एसपी ने प्रेस वार्ता में साफ लफ्जों में चेतावनी दी कि कानूनन किसी बीमार व्यक्ति का इलाज रोकना या उसे चिकित्सा सहायता न मिलने देना भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गंभीर अपराध है। उन्होंने धरना कमेटी को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि किसी भी अनशनकारी बुजुर्ग के साथ कोई अप्रिय घटना घटती है या किसी की मृत्यु होती है, तो धरना संचालित कर रहे मुख्य सदस्यों के खिलाफ सीधे तौर पर हत्या (मर्डर) की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फिलहाल, चैनत का यह जल आंदोलन पूरे जिले का सबसे संवेदनशील मुद्दा बन चुका है, जहां एक तरफ ग्रामीण अपनी मांग से टस से मस होने को तैयार नहीं हैं, वहीं पुलिस-प्रशासनिक अमला टकराव टालने और कानून का इकबाल बुलंद रखने की जद्दोजहद में जुटा है।

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