17 दिन के धरने के बाद आर-पार के मूड में ग्रामीण, हांसी-बरवाला हाईवे पर ट्रैक्टरों से खींचकर डालीं पाइपें
Jun 01, 2026 3:01 PM
हांसी। बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी किस कदर जनआक्रोश में बदल सकती है, इसकी बानगी सोमवार को हांसी के चनैत गांव में देखने को मिली। पिछले 17 दिनों से शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे ग्रामीणों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया। पेयजल और बिजली की किल्लत से नाराज ग्रामीणों ने हांसी शहर को पानी सप्लाई करने वाली मुख्य भाखड़ा पाइपलाइन पर धावा बोल दिया। ग्रामीणों ने न सिर्फ इस सरकारी पाइपलाइन को उखाड़ने और तोड़ने की कोशिश की, बल्कि ट्रैक्टरों के जरिए बड़े-बड़े पाइप खींचकर हांसी-बरवाला मुख्य मार्ग पर डाल दिए। इस कदम से व्यस्त रहने वाले इस हाईवे पर वाहनों का चक्का पूरी तरह थम गया और दोनों तरफ लंबा जाम लग गया।
प्रशासन को पहले ही दी थी चेतावनी
चंैत गांव के लोगों का आरोप है कि वे लंबे समय से पानी के स्थायी कनेक्शन और बिजली सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही। ग्रामीणों ने पहले ही प्रशासन को लिखित अल्टीमेटम दिया था कि यदि 1 जून तक उनकी जायज मांगों का निपटारा नहीं किया गया, तो वे शहर की प्यास बुझाने वाली इस पाइपलाइन को उखाड़कर सड़क पर रख देंगे। सोमवार को जब दी गई समय सीमा खत्म हो गई और कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंचा, तो गांव की महिलाएं और युवा सड़कों पर उतर आए।
अधिकारियों के छूटने पसीने, मौके पर भारी पुलिस बल तैनात
हाईवे जाम होने और पाइपलाइन तोड़े जाने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। एसडीएम (SDM) राजेश खोथ, डीएसपी (DSP) रविंद्र सांगवान और सदर थाना प्रभारी सदानंद भारी पुलिस फोर्स के साथ तुरंत मौके पर दौड़े। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच जाकर उन्हें समझाने और रास्ता खोलने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा था। देखते ही देखते आसपास के ढाणियों और गांवों से भी लोग चनैत ग्रामीणों के समर्थन में जुटने लगे, जिससे वहां का माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया।
जेसीबी से हटाई जा रही हैं पाइपें, वार्ता का दौर जारी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ग्रामीणों ने कड़ाही और औजारों से पाइपलाइन को डैमेज करने की पूरी कोशिश की, लेकिन जब तकनीकी रूप से लाइन पूरी तरह नहीं उखड़ी, तो वे दोबारा सड़क पर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए प्रशासन ने जेसीबी (JCB) मशीनों को काम पर लगाया है, जिनकी मदद से हाईवे पर डाली गई भारी पाइपों को किनारे किया जा रहा है ताकि यातायात बहाल हो सके। दूसरी तरफ, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों के मौजिज लोगों के साथ बंद कमरे में बातचीत कर बीच का रास्ता निकालने की कवायद में जुटे हैं।