Chandigarh News: तांत्रिक बनकर 40 लाख की ठगी करने वाला काबू, साइबर फ्रॉड में भी एक आरोपी गिरफ्तारी
Mar 26, 2026 10:21 AM
चंडीगढ़: शहर में बढ़ते साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, यूटी चंडीगढ़ ने दो अलग-अलग मामलों में अहम सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ओर तांत्रिक और मौलवी बनकर ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है, वहीं दूसरी ओर ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड के मामले में भी एक आरोपी को दबोचा गया है।
पहले मामले में पुलिस ने दिनेश कुमार (25 वर्षीय), जिला चूरू, राजस्थान निवासी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर खुद को तांत्रिक और मौलवी बताकर लोगों को ठगा। इस मामले की एफआईआर 14 जनवरी 2026 को दर्ज की गई थी।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता पारिवारिक समस्याओं के कारण मानसिक तनाव से गुजर रही थी और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक व इंस्टाग्राम पर दिए गए विज्ञापनों के माध्यम से आरोपियों के संपर्क में आई। आरोपियों ने खुद को धार्मिक और आध्यात्मिक समाधान देने वाला बताकर पीड़िता का विश्वास जीता और उसे कथित “सुपरनैचुरल थ्रेट्स” का डर दिखाकर पैसे ऐंठने शुरू कर दिए।
जांच में सामने आया कि फरवरी 2024 से मई 2025 के बीच पीड़िता से कई बार पैसे ट्रांसफर करवाए गए और चंडीगढ़ में लगभग 150 ग्राम सोने के आभूषण भी ले लिए गए। इस पूरे मामले में करीब 40 लाख रुपये की ठगी की गई।
इससे पहले इस मामले में एक अन्य आरोपी रोहित भार्गव को गिरफ्तार किया जा चुका है, जो फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर बैंक खातों के माध्यम से ठगी के पैसे ट्रांसफर करवाता था। दिनेश कुमार के खाते में भी जांच के दौरान 18.43 लाख रुपये की राशि आने का खुलासा हुआ है। आरोपी के पास से मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड में कोलकाता से आरोपी गिरफ्तार, 3.60 लाख रुपये की ठगी का खुलासा
दूसरे मामले में साइबर पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड में शामिल 20 वर्षीय सोमनाथ साहा को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। यह मामला 9 जनवरी 2026 को दर्ज हुआ था, जिसमें चंडीगढ़ निवासी एक व्यक्ति के एचडीएफसी बैंक खाते से कुल 3.60 लाख रुपये की अनधिकृत निकासी की गई थी।
जांच के दौरान यह राशि यस बैंक के एक खाते में ट्रेस की गई, जो सोमनाथ साहा के नाम पर था। पुलिस टीम ने कोलकाता जाकर स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करता है और उसने अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड कमीशन के बदले किसी अन्य व्यक्ति को दे दिए थे, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया गया।
सोशल मीडिया ठगी से बचने के लिए पुलिस ने सतर्क रहने की अपील
दोनों मामलों में की गई गिरफ्तारियां क्षेत्र में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। यह कार्रवाई यूटी चंडीगढ़ की एसपी (साइबर) आईपीएस गीताांजलि खंडेलवाल के निर्देशन, डीएसपी साइबर क्राइम एवं आईटी के मार्गदर्शन तथा सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाने के एसएचओ की निगरानी में प्रभावी समन्वय के साथ की गई। साइबर क्राइम पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति से अपनी निजी या पारिवारिक जानकारी साझा न करें।
किसी भी तरह के तांत्रिक, मौलवी या ऑनलाइन निवेश के झांसे में न आएं और बिना सत्यापन के पैसे ट्रांसफर न करें। साथ ही, ओटीपी, बैंक डिटेल्स और कार्ड संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें। पुलिस ने कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत नजदीकी साइबर क्राइम थाने या राष्ट्रीय पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई की जा सके।