Follow us on
Monday, September 20, 2021
BREAKING NEWS
भारत दौरे पर आए सऊदी अरब के विदेश मंत्री और जयशंकर के बीच वार्ता हुईचन्नी को मेरी शुभकामनाएं, आशा है कि वह सीमान्त राज्य पंजाब को सुरक्षित रख सकेंगे - अमरिंदरयोगी ने अपने परिश्रम से उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य से बाहर किया - मोदीतालिबान ने काबुल में महिला कर्मचारियों को घर पर ही रहने का आदेश दियापहले चरण की लय बरकरार रखने उतरेगा आरसीबी, नये सिरे से शुरुआत करेगा केकेआरभारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से तीन विभागों को मिले सबसे ज्यादा एफडीआई प्रस्तावमुख्यमंत्री के लिए राहुल की पसंद हैं चन्नीपंजाब में कांग्रेस के दलित नेता चरणजीत चन्नी नये मुख्यमंत्री होंगे
Editorial
अस्तित्व खोती देवभाषा संस्कृत को बचाने के हों समुचित प्रयास - योगेश कुमार गोयल

वर्ष 2000-2001 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पहल पर पहली बार देश में संस्कृत सप्ताह मनाए जाने की शुरूआत हुई थी, जो अब प्रतिवर्ष श्रावणी पूर्णिमा से तीन दिन पूर्व और तीन दिन बाद तक मनाया जाता है। देवभाषा कही जाने वाली प्राचीन भाषा ‘संस्कृत’ के प्रसार को बढ़ावा देने और संस्कृत के महत्व को चिह्नित करने के उद्देश्य से इस वर्ष संस्कृत सप्ताह 19 अगस्त से 25 अगस्त तक मनाया जा रहा है।

आम आदमी की आवाज बुलंद करते एंग्रीमैन पम्मा - योगेश कुमार गोयल

तीखे तेवरों के साथ आम आदमी की आवाज को बुलंद करने के लिए विख्यात नेशनल अकाली दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा वैसे तो विगत 25 वर्षों से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रामलीला मैदान सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर धरने-प्रदर्शन करते रहे हैं लेकिन ज्यादा चर्चा में वह उस समय आए थे, जब 2015 में एक प्रमुख सोशल मीडिया साइट ने देशभर में कराए एक व्यापक सर्वे के बाद उन्हें ‘देश का सबसे गुस्सैल आदमी’ का खिताब दिया था। 

ओलम्पिक में उम्मीद बंधाते भारतीय पहलवान - योगेश कुमार गोयल

23 जुलाई को टोक्यो ओलम्पिक 2020 का आगाज हो चुका है, जिसमें भारत का नाम रोशन करने का जज्बा लिए भारत के भी 126 एथलीट पहुंचे हैं, जो 18 कुल विभिन्न खेलों में 85 पदकों के लिए दावेदारी पेश करेंगे। मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में पहला रजत पदक देश के नाम कर चुकी हैं और अभी कुछ और खिलाडि़यों के अलावा भारतीय पहलवानों से भी देश को काफी उम्मीदें हैं। 

हिमाचल में प्राकृतिक आपदाओं का कहर, 9 पर्यटकों की की दर्दनाक मौतें तीन घायल - नरेन्द्र भारती

हिमाचल में किन्नौर से लेकर भरमौर तक प्रकृति मौत का तांडव कर रही है। दर्दनाक मौते हो रही है।प्रकृति का यह तांडव थमने का नाम नही ले रहा है। ताजा घटनाक्रम में आज 25 जुलाई को किन्नौर जिला क्ै बटसेरी के गुसां के पास चटटाने गिरने से र्प्यटकों की गाड़ी के भूस्खलन की चपेट में आने के कारण 9 पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि तीन गभीर रुप से घायल हो गए। बास्पा नदी पर बना पुल भी टूट गया। चार दिन पहले भरमौर में भी भूस्खलन के कारण कार दब गई भी और एक ही परिवार के चार लोग मारे गए थे।

पीरूसिंह की बहादुरी से डर गया था पाकिस्तान - रमेश सर्राफ धमोरा

भारत चीन सीमा पर इस वक्त भारी तनाव बना हुआ है। दोनों देशों की सेना आमने सामने डटी हुई है। गत वर्ष 15 जून की रात को दोनों देशों के सैनिकों में हिंसक झड़प भी हो चुकी है। जिसमें भारत के बीस वीर जवान शहीद हुए थे। वहीं चीन के भी कई दर्जन सैनिक मारे गए थे। सीमा पर युद्ध के हालात में दोनों देशों के सैन्य कमांडर आपसी वार्ता कर शांति बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

डिजिटल इंडिया-जहां ज्ञान ही शक्ति है - अमिताभ कांत

मैं लगभग तीन दशक पूर्व, केरल के रमणीय ग्रामीण क्षेत्र में, पारंपरिक मत्स्य पालन क्षेत्र में काम कर रहा था।मछली के बाजार मूल्य का मात्र 20% प्राप्त करने वाले मछुआरों कामुनाफा बढ़ाने के लिए, हमने फाइबरग्लास क्राफ्टऔर आउटबोर्ड मोटर जैसी नई तकनीक की शुरुआत की और यहां तक कि समुद्र तट स्तर की नीलामी भी शुरू की।हालांकि सबसे बड़ी चुनौती जो बनी रही, वह थी भुगतान को सुव्यवस्थित करनेके लिए मछुआरों के लिए बैंक खाते खोलना।

मानवता को राष्ट्रवाद से बड़ा मानते थे रवीन्द्रनाथ टैगोर - योगेश कुमार गोयल

अपने 80 वर्षीय जीवनकाल में करीब एक हजार कविताएं, 8 उपन्यास, 8 कहानी संग्रह, 2200 से अधिक गीत तथा विभिन्न विषयों पर अनेक लेख लिखने वाले गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर एक कवि, उच्च कोटि के साहित्यकार, उपन्यासकार और नाटककार के अलावा संगीतप्रेमी, अच्छे चित्रकार तथा दार्शनिक भी थे। 

उनकी चिंता और हमारी बेफिक्र - सुरेन्द्र कुमार

वर्तमान में सबसे ज्यादा कोरोना की मार भारत झेल रहा है। दुनिया के लगभग 38 फीसदी संक्रमित आजकल भारत के अस्पतालों में अपना इलाज करा रहे हैं। गत शनिवार देश में लगभग 04 लाख कोविड मरीजों की पुष्टि हुई। जो अब तक का एक दिन का सबसे वेदनीय कोरोना आंकड़ा है। एक दिन में दुनिया के किसी भी दूसरे देश मे अबतक 04 लाख नए मरीज नहीं मिले है। जो दर्शाता है कि भारत के कोरोना हालात कितने नाजुक हैं। लेकिन प्रसन्नता की बात यह है कि देश का रिकवरी रेट इन बदत्तर हालतों मे भी बेहतर स्थिति में है।

महामारी को भुनाते मानवता के दुश्मन - डा. राजेन्द्र प्रसाद शर्मा

एक और देश में कोरोना की दूसरी लहर का कहर बढ़ता जा रहा है तो दूसरी आ्रैर जीवन रक्षक दवाओं, मेडिकल उपकरणों और साधनों की जमाखोरी और कालाबाजारी जम कर होने लगी है। लगता है इस महामारी के दौर में भी कुछ लोग मानवीय संवेदनाओं को खो चुके हैं। आज सारी दुनिया कोरोना की दूसरी लहर से त्रसित है। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के चलते हो रहे हालातों को देखते हुए दुनिया के देश सहायता के लिए आगे आ रहे हैं वहीं देश में ही कुछ लोग मानवता को शर्मसार करने में कोई कमी नहीं छोड रहे हैं।

भाजपा की महत्वाकांक्षाओं को बड़ा झटका - योगेश कुमार गोयल

पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने ऐसा चमत्कार कर दिखाया है, जिसकी अधिकांश राजनीतिक पंडितों ने उम्मीद तक नहीं की थी। दरअसल विश्लेषकों के अलावा भाजपा भी यही मानकर चल रही थी कि ममता के दस वर्षों के शासनकाल के दौरान लोगों में उनके प्रति नाराजगी है और राज्य में सत्ता विरोधी लहर है लेकिन तृणमूल ने चुनाव में जबरदस्त कांटे की टक्कर दिखने के बावजूद पिछली बार की 211 सीटों के मुकाबले इस बार 213 सीटें जीतकर लगातार तीसरी बार धमाकेदार जीत दर्ज की है।

ऑफ़लाइन शिक्षा से वर्चुअल सीखने के लिए लेकिन कक्षा के लिए कोई प्रतिस्थापन नहीं - विजय गर्ग

वर्चुअल या ऑनलाइन शिक्षण विभिन्न चैनल प्रदान करता है जैसे मेल, ऑनलाइन चैट और वीडियो कॉन्फ्रेंस, जिसके माध्यम से छात्र और प्रशिक्षक एक दूसरे के साथ बातचीत कर सकते हैं।  कक्षा में, एक दूसरे के साथ संवाद करने के लिए केवल एक चैनल है।  कई छात्रों के पास एक दृश्य स्मृति होती है और वे अधिक स्वेच्छा से सीखते हैं और शिक्षण के ऑनलाइन तरीकों में रुचि रखते हैं।

वैक्सीनेशन का विस्तार, कोरोना पर प्रहार - सुरेन्द्र कुमार स्वतंत्र लेखक

कोरोना के निरंतर बढते आंकड़ों को देखकर आजकल आमजन घबराहट में है। देश में कोरोना संक्रमितों के एक दिन मे पहली बार 02 लाख से अधिक मामले बीते 15 अप्रैल को उजागर हुएं। जबकि अगले रोज आंकडा 02 लाख 17 हजार के करीब जा पहुंचा। इसी तरह 17 अप्रैल को 02 लाख 34 हजार से अधिक संक्रमितों ने देश के प्रबंधन की नींद हराम कर दी। इतना ही नहीं बीते रविवार यह हत्यारा आंकडा 02 लाख 61 हजार के पार जा पहुंचा 

न्याय और समानता पर आधारित व्यवस्था के लिए अथक संघर्ष करने वाले युगपुरूष डॉ. आंबेडकर - अरुण कुमार कैहरबा

बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर एक बहुमुखी प्रतिभाशाली शख्सियत हैं, जिन्होंने भारत में जाति-वर्ण की बेडिय़ों को तोडऩे के लिए अथक संघर्ष किया। दलित एवं अछूत समझी जाने वाली जाति में पैदा होने के कारण उनके रास्ते में बाधाओं के पहाड़ खड़े थे। अपनी प्रतिभा के बल पर उन्होंने सभी रूकावटों को पछाड़ कर आगे बढऩे के रास्ते बनाए। 

नौकरी करते हुए प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कैसे करें - विजय गर्ग

क्या आप नौकरी करते समय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने की योजना बना रहे हैं?  क्या आप तैयारी शुरू करने के बारे में उलझन में हैं?  किसी भी तैयारी को शुरू करने से पहले, आपको परीक्षा के लिए आवश्यक शर्तें जैसे कि सिलेबस, विषय, प्रत्येक विषय का वेटेज, आदि को समझना चाहिए और फिर तैयारी शुरू करनी चाहिए।

कैच द रेन: वर्षा जल सहेजने के लिए संजीदगी जरूरी, समय रहते समझें पानी की महत्ता - योगेश कुमार गोयल नाचो-गाओ, खुशियां मनाओ कि आई बैसाखी - योगेश कुमार गोयल तृणमूल कांग्रेस बनाम निर्वाचन आयोग अक्षय राम सेतु के लिए चले अयोध्या विनेश फिर बनी दुनिया की नंबर एक महिला पहलवान - योगेश कुमार गोयल बजट से अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती - मयंक मिश्रा कोविड वैक्सीन: भारतीयों को अपने वैज्ञानिकों पर सबसे ज्यादा भरोसा, टीकाकरण में दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बना भारत - योगेश कुमार गोयल भारत की स्वास्थ्य सेवा नीति: महामारी के अलावा - अबिनाश दास केंद्रीय बजट 2021-22: आत्मविश्वास के साथ रणनीति में बदलाव - तरुण बजाज जल जीवन मिशन : पानी के जरिये एक सामाजिक क्रांति - रतन लाल कटारिया एक सपनों का बजट, जो कोविड के बाद की अवधि में न केवल तत्कालरिकवरी के लिए, बल्कि दशक के दौरान उच्च विकासके लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है - डॉ केवी सुब्रमण्यन शासन का सबसे उत्पीडित अंग - डॉ0 एस. सरस्वती रोगों का नाश करती है शरद पूर्णिमा - बाल मुकुन्द ओझा धारा 370 का निराकरण : नियति के साथ वास्तविक साक्षात्कार चुनावों में गालियों का प्रयोग : जितने कडवे बोल उतना अच्छा - पूनम आई कौशिश बिहार चुनाव: बीच विमर्श में पाकिस्तान ? - निर्मल रानी पर उपदेश :बिहार में कोरोना विस्फ़ोट हुआ तो - निर्मल रानी बॉलीवुड के दो हरदिल अजीज सितारे अलविदा बैसाखी पर करें दुनिया को कोरोना से मुक्ति दिलाने की अरदास कौन सज़ा देगा इन झूठों व अफ़वाह बाज़ों को ? एनआरसी के मुद्दे पर देश में बढ़ती उलझन सीबीएसई : 10वीं और 12वीं में फेल हुए छात्र रेग्युलर स्टूडेंट के तौर पर दे सकेंगे एग्जाम